Karnal News: शहर की हवा फिर हुई जहरीली, एक्यूआई पहुँचा 291 Latest Haryana News

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शहर की हवा फिर हुई जहरीली, एक्यूआई पहुँचा 291

कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर और पंचकूला से भी ज्यादा प्रदूषित रहा शहर

माई सिटी रिपोर्टर

करनाल।

शहर में वायु गुणवत्ता लगातार चिंताजनक स्तर पर बनी हुई है। बुधवार को करनाल का एयर क्वालिटी इंडेक्स 291 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी के करीब पहुँच चुका है। पड़ोसी जिलों की तुलना में करनाल की हवा काफी अधिक दूषित पाई गई है।

कुरुक्षेत्र में एक्यूआई 228, कैथल में 96, यमुनानगर में 282 और पंचकूला में 219 रहा। इनमें करनाल का 291 का स्तर सबसे अधिक प्रदूषण दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ता वाहन उत्सर्जन, सड़क किनारे धूल, पराली के धुएं की आवक और बदलते मौसम के कारण हवा की गुणवत्ता तेजी से गिर रही है।

सोनीपत और अंबाला की बराबरी पर करनाल

प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रदूषण चरम पर है। सोनीपत का वायु गुणवत्ता सूचकांक 308 और अंबाला का 307 रिकॉर्ड किया गया है। शहर की हवा भी इन दोनों शहरों को टक्कर दे रही है, जिससे यह साफ है कि क्षेत्रीय स्तर पर वायु प्रदूषण की समस्या और बढ़ती जा रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस स्तर की हवा में सांस संबंधी दिक्कतें, आंखों में जलन, खांसी, अस्थमा और हृदय रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रदूषण स्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सुबह-शाम के समय बेवजह बाहर न निकलें, मास्क का उपयोग करें और घरों व कार्यालयों में वेंटिलेशन का ध्यान रखें। वहीं, एनवायरमेंटल टीमों को निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के निर्देश जारी किए गए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार

अगले 24–48 घंटों में मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसलिए प्रदूषण स्तर में स्थिरता या हल्की बढ़ोतरी के आसार बने हुए हैं। शहर में यांत्रिक सफाई, पानी का छिड़काव और ट्रैफिक प्रबंधन को और सख्ती से लागू करना होगा, तभी हालात में सुधार हो सकेगा।

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