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तरनतारन उपचुनाव के दौरान बूटा सिंह पर दिए गए बयान के चलते कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है।
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अदालत में अर्जी देकर उन्होंने कहा है कि तरन तारन उपचुनाव के प्रचार के दौरान 2 नवंबर को बूटा सिंह को लेकर दिए गए बयान पर पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने जो स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू की है, उस पर रोक लगाई जाए।
राजा वडिंग ने दलील दी कि इस मामले में 4 नवंबर को उनके खिलाफ पहले ही FIR दर्ज हो चुकी है, ऐसे में आयोग का समानांतर कार्यवाही चलाना उचित नहीं है।
उन्होंने आयोग के चेयरमैन पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। वडिंग का कहना है कि चेयरमैन लगातार उनके खिलाफ सार्वजनिक बयान दे रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण दिखती है।
वड़िंग का बयान और उस पर सफाई
तरनतारन उपचुनाव में प्रचार के दौरान कांग्रेस का महिमामंडन करने की कोशिश में वड़िंग ने दलित बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री स्वर्गीय बूटा सिंह को लेकर एक टिप्पणी की थी।
वड़िंग ने कहा था-
कांग्रेस पार्टी ने काले रंग के एक शख्स को, जो लोगों के घरों में चारा काटने का काम करता था, केंद्रीय गृहमंत्री बना दिया था
इसके बाद विवाद बढ़ता देखकर राजा वड़िंग को सोशल मीडिया पर आकर सफाई देनी पड़ी।
वड़िंग ने सफाई देते हुए कहा-
मेरे बयान को तोड़ा-मरोड़ा गया। मेरा मकसद किसी का अपमान करना नहीं था। फिर भी यदि किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।

SC कमिशन के चेयरमैन जसबीर सिंह गड्डी से मिलते हुए राजा वडिंग के वकील।
SC कमिशन चेयरमैन ने तलब किया था, वकील के जरिए मांगा था जवाब
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग द्वारा बूटा सिंह पर दिए गए बयान के बाद SC कमिशन के चेयरमैन जसबीर सिंह गड्डी ने उन्हें तलब किया था और राजा वडिंग के वकील ने कमिशन के सामने पेश होकर कहा था कि वह तरनतारण चुनाव के बाद ही पेश हो सकेंगे। मगर चुनाव के बाद राजा वडिंग ने हाईकोर्ट में अर्जी लगा दी है।
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SC कमिशन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे राजा वडिंग: बूटा सिंह के बयान पर कहा, मेरे खिलाफ FIR तो SC कमिशन की समांतर जांच ठीक नहीं – Chandigarh News
