{“_id”:”6919e90ed758dc427d06cc51″,”slug”:”video-discussion-on-drug-de-addiction-campaign-took-place-in-amar-ujala-samvad-programme-2025-11-16″,”type”:”video”,”status”:”publish”,”title_hn”:”हिसार: अमर उजाला संवाद कार्यकम में नशा मुक्ति मुहिम को लेकर हुई चर्चा”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
नशा युवा वर्ग को खोखला कर रहा है। इससे न केवल एक व्यक्ति और परिवार प्रभावित हो रहा है, बल्कि इसका असर पूरे समाज पर पड़ रहा है। नशे के इस जाल से बच्चों को बचाने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुटता से लड़ाई लड़नी पडे़गी। पुलिस ईमानदारी से कार्रवाई करे, नशे के अड्डों, तस्करों के नेटवर्क तक पहुंचे और इस धंधे में लिप्त हर व्यक्ति पर शिकंजा कसे तो निश्चित तौर पर इसके सुखद परिणाम सामने आएंगे।
युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के तहत रविवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में नशा मुक्ति संगठनों, एनजीओ, पुलिस की नशा मुक्ति टीम के अधिकारियों ने यह बात रखते हुए नशाखोरी से निपटने के लिए सभी से जुटने का आह्वान किया।
पुलिस की नशा मुक्ति टीम से आए एसआई हवा सिंह और एएसआई लीलाधर ने बताया कि उनकी टीम हर गांव में जाती है, लेकिन अधिक प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखी जाती है। शुरुआत में आरोपियों के परिजन किसी पड़ोसी के मुखबिरी करने का शक जताते हैं। इसके बावजूद टीम 2,200 लोगों को नशे के दलदल से निकाल चुकी है।
करीब 875 नशा पीड़ितों का जिला अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में मुफ्त इलाज भी करवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस मुहिम में हर आम व्यक्ति का सहयोग चाहिए। परिवार में भी नशा करने वाला है तो उसे छिपाएं नहीं बल्कि नशा मुक्ति केंद्र तक ले जाएं। पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (एएनसी) के इंदर सिंह ने बताया कि नशा तस्करों पर लगातार
कार्रवाई की जा रही है। लोग इसे केवल पुलिस की जिम्मेदारी न समझें, वे
पुलिस के सहयोगी बनें। इस साल नशा तस्करी के 127 केस दर्ज कर 245 आरोपी जेल
भेजे गए हैं। गांव पीरांवाली समेत शहर की आंबेडकर बस्ती, विकासनगर, मिलगेट
क्षेत्र में भी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि तस्करी में महिलाओं का
शामिल होना सर्वाधिक पीड़ादायक और कार्रवाई में बाधा डाल रहा है।
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हिसार: अमर उजाला संवाद कार्यकम में नशा मुक्ति मुहिम को लेकर हुई चर्चा