Haryana: एचएयू ने जल संरक्षण में कमाया नाम, 18 नवंबर को राष्ट्रपति से मिलेगा सम्मान Latest Haryana News

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चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) को जल शक्ति मंत्रालय के छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार -2024 में सर्वश्रेष्ठ संस्थान (स्कूल/ कॉलेज के अतिरिक्त) श्रेणी में प्रथम स्थान के लिए चयनित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 नवंबर को विज्ञान भवन (नई दिल्ली) में यह पुरस्कार प्रदान करेंगी। कुलपति प्रो बीआर कांबोज ने विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी है।

कुलपति बीआर प्रो काम्बोज ने बताया कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने खरीफ-2024 में प्रदेश भर के किसानों को धान की सीधी बिजाई करने एवं कम अवधि वाली किस्मों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। धान फसल की सीधी एवं कम अवधि वाली किस्मों की बिजाई करने से भारी मात्रा में जल की बचत हुई। विश्वविद्यालय के प्रयासों से खरीफ सीजन के दौरान लगभग 1.0 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कपास से धान में स्थानांतरित होने से बचाया गया। वैज्ञानिकों की ओर से फसल विविधीकरण और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने के लिए प्रदेश के किसानों को जागरूक किया।

अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि निदेशालय की ओर से कृषि में जल बचत तकनीकों को लोकप्रिय बनाने और किसानों में जागरूकता बढ़ाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। विश्वविद्यालय की ओर से धान की कम अवधि में पकने वाली एचकेआर-49 तथा गेहूं की दो पानी व मध्यम खाद में अधिक उपज देने वाली डब्ल्यू एच 1402 किस्में विकसित की गई हैं जिनसे पानी की बचत होगी।

इन प्रयासों से जल संरक्षण के लिए किया प्रेरित

कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से जल संरक्षण के लिए निरंतर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। किसानों को प्रशिक्षण, किसान मेले, जल संरक्षण जागरूकता शिविर, किसान गोष्ठियां, जल संरक्षण तकनीकों पर प्रदर्शन स्थल पर फील्ड डेज, विश्व पर्यावरण दिवस समारोह तथा वन महोत्सव कार्यक्रमों के माध्यम से जल की बचत करने के लिए प्रेरित किया गया। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित करके विश्वविद्यालय परिसर एवं फार्मों में पौधरोपण किया गया।

 

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Haryana: एचएयू ने जल संरक्षण में कमाया नाम, 18 नवंबर को राष्ट्रपति से मिलेगा सम्मान