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शहजादपुर। भारतीय किसान यूनियन भगत सिंह के किसान नेताओं ने शनिवार को नारायणगढ़ शुगर मिल के प्रशासन से मुलाकात की और शुगर मिल को शुरू होने में देरी का कारण जानने की कोशिश की। किसान नेताओं ने शुगर मिल प्रशासन को शुगर मिल देरी से शुरू होने वाली समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया की शुगर मिल के देरी से चलने से किसान की गेहूं की बुवाई में देरी होगी और इसका खामियाजा आने वाले समय में किसानों को भुगतना पड़ेगा। गन्ने के लिए श्रमिक का खर्च भी किसानों को उठाना पड़ रहा है, इस वजह से किसानों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
किसान नेताओं ने शुगर मिल प्रशासन से गन्ने के भुगतान की भी बात की, लेकिन इस मसले पर किसान नाखुश नजर आए। यूनियन के विक्रम राणा ने बताया कि उन्होंने शुगर मिल प्रशासन के सामने अपने मांगे रखी हैं व मिल प्रशासन से आग्रह किया कि वह शुगर मिल 18 नवंबर से शुरू करें, पर मिल प्रशासन ने उनकी मांगों को खारिज कर दिया। शुगर मिल की तरफ प्रशासनिक अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि नारायणगढ़ शुगर मिल 21 नवंबर से शुरू हो जाएगी। देरी का कारण उन्होंने शुगर मिल की मरम्मत का कार्य पूरा न होना बताया।
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