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वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि एक राष्ट्रमंत्र है।
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। शुक्रवार की सुबह नगर के लखपत चौक स्थित राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी डाॅ. दीप्ति बोकन और विद्यालय के प्राचार्य विजय प्रतीक धनखड़ की अगुवाई में हजारों की संख्या में छात्रों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी डाॅ. दीप्ति बोकन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वंदे मातरम गीत की एक-एक पंक्ति प्रेरक और उद्बोधक है। यह गीत सभी भारतीयों को जाति-धर्म संप्रदाय से ऊपर उठकर एकजुटता का संदेश देता है। हर हिंदू, हर मुस्लिम, हर सिख और हर ईसाई को इस गीत की भावना को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। डाॅ. दीप्ति बोकन ने कहा कि वंदे मातरम गीत अमर योद्धा,चिंतक और दार्शनिक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने आज से सही डेढ़ सौ वर्ष पूर्व आनंद मठ में लिखा था। इसके उपरांत विद्यालय प्रांगण में एक से एक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। जिसमें हरियाणवी लोक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य विजय प्रतीक धनखड़,अंग्रेजी प्रवक्ता करतार सिंह,इतिहास प्रवक्ता ज्ञान सिंह सहरावत सहित विभिन्न लोगों ने भी अपने विचार प्रकट किए।
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Gurugram News: वंदे मातरम और सुजलाम सुफलाम गीत से गूंज उठा विद्यालय प्रांगण

