क्या आरजेडी-कांग्रेस दोस्ताना मुकाबले वाली सीटों पर उम्मीदवारों का नाम लेंगी वापस? मिल गया जवाब Politics & News

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बिहार चुनाव 2025 को लेकर सभी दलों अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है. महागठबंधन गुरुवार (23 अक्टूबर) को बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाला है, जिसमें मुख्यमंत्री पद के चेहरे का खुलासा हो सकता है. कयास लगाया जा रहा है कि तेजस्वी यादव महागठबंधन के सीएम फेस होंगे. हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा बाकी है. इस बीच एक और बड़ा अपडेट मिला है. राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस दोस्ताना मुकाबले वाली सीटों पर से अपने उम्मीदवारों के नाम वापस नहीं लेंगी.

महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर काफी खींचतान हुई. हालांकि इसके बावजूद छह ऐसी सीटें हैं जिनका मसला सुलझ नहीं पाया. इसी वजह से कांग्रेस और आरजेडी ने इन छह सीटों के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी थी. सिकंदरा, कहलगांव, सुल्तानगंज, वैशाली, लालगंज और वारिसलीगंज पर दोनों पार्टियां आमने-सामने होंगी. कहा जा रहा था कि ये पार्टियां अपने उम्मीदवारों का नाम वापस ले सकती हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक ऐसा नहीं होने वाला है.

छह सीटों पर कौन हैं कांग्रेस-आरजेडी के उम्मीदवार

आरजेडी ने सिकंदरा से उदय नारायण चौधरी को टिकट दिया है. जबकि कांग्रेस ने विनोद चौधरी को उम्मीदवार बनाया है. कहलगांव से रजनीश भारती आरजेडी के प्रत्याशी हैं. वहीं कांग्रेस की तरफ से प्रवीण कुमार कुशवाहा को मौका मिला है. सुल्तानगंज से कांग्रेस ने ललन यादव और आरजेडी ने चंदन सिन्हा को टिकट दिया है. वैशाली से आरजेडी ने अजय कुशवाहा और कांग्रेस ने संजीव सिंह को मौका दिया है. लालगंज से शिवानी शुक्ला को आरजेडी ने टिकट दिया है. जबकि कांग्रेस ने आदित्य कुमार को मौका दिया है. वारिसलीगंज से कांग्रेस के उम्मीदवार सतीश कुमार हैं. वहीं आरजेडी ने अनीता को टिकट दिया है.

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होगा. पहले चरण के लिए 6 नवंबर को मतदान होगा. वहीं दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को मतदान होगा. वहीं 14 नवंबर को नतीजे सामने आएंगे. 

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क्या आरजेडी-कांग्रेस दोस्ताना मुकाबले वाली सीटों पर उम्मीदवारों का नाम लेंगी वापस? मिल गया जवाब