[ad_1]
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शुक्रवार को जिलेभर में हुई रुक रुक कर हुई बारिश से तापमान में कमी आई लेकिन शहर में कई स्थानों पर जलभराव की स्थित बनने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार के साथ दैनिक कामकाज भी प्रभावित रहा। साथ ही अगैती फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका उत्पन्न हो गई। कई क्षेत्रों में धान की फसल भी खेतों में गिर गई। वहीं नीलोखेड़ी में एक पेड़ कार के ऊपर गिर जाने से उसमें बैठी देवरानी व जेठानी की मौके पर ही मौत हो गई है।
वीरवार की मध्यरात्रि से ही क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई थी। कभी हल्की तो कभी रिमझिम बारिश रातभर चलती रही। शुक्रवार को भी यही स्थिति रही। दोपहर को कुछ देर झमाझम बारिश हुई। हवाएं भी तेज हुई। जिसके कारण शहर के पुराने बस स्टैंड पर जलभराव हो गया। वहां यात्रियों को बसों तक और बसों से उतरकर बस स्टैंड से बाहर आने में मुसीबत का सामना करना पड़ा।
कई महिलाएं और बुजुर्ग को जलभराव के बीच गिर गए। विद्यार्थियों को भी भीग कर बसों तक पहुंचना पड़ा। इसके अलावा भी सेक्टर 13, सेक्टर आठ, गोशाला रोड सहित मार्गो पर जलभराव देखा गया। कर्ण कैनाल रोड के अलावा कर्ण कैनाल से एचएसवीपी कार्यालय को जाने वाली रोड पर देर रात तक भी जलभराव की स्थिति बनी रही।
हालांकि शहर के अन्य इलाकों में निगम की टीमें सक्रिय रही, जिसके कारण कुछ देर के जलभराव के बाद पानी की निकासी हो गई। काछवा क्षेत्र के साथ साथ कई क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, क्योंकि खेतों में धान की फसल गिर गई है। निसिंग क्षेत्र में सब्जियों की फसलों को भी नुकसान बताया जा रहा है।
इसी बीच नीलोखेड़ी में एक कार के ऊपर एक पुराना पेड़ गिर गया, जिसमें बैठी दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। क्रेन से कार व उसमें बैठी महिलाओं को निकालना पड़ा। इधर मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि शनिवार को भी बारिश की संभावना है। आसमान पर बादलों की आवाजाही रहेगी। तापमान में कमी संभावित है।
धान की फसल गिरने से भारी नुकसान : नागपाल
काछवा के प्रगतिशील किसान जवाहर लाल नागपाल ने बताया कि धान की किस्म 1509 व पीआर-126 आदि धान को बारिश से बड़ा नुकसान हुआ है। इस समय परागण की प्रक्रिया चल रही है, जिसके कारण हवा व बारिश से फूल झड़ जाएगा, जिसके कारण परागण की प्रक्रिया प्रभावित होगी तो उत्पादन कम हो जाएगा। उनकी खुद की कई किले में खड़ी धान की फसल गिर गई, जिसमें भारी नुकसान हो सकता है।
धान में भूरा तेला का प्रकोप बढ़ने की आशंका
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र करनाल के अध्यक्ष डॉ. महा सिंह जागलान ने बताया कि ये बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक है। जो अगैती फसल 1509 आदि है, जिसमें बालियां निकल आई हैं या निकल रही हैं, बारिश से उनमें चावल का दाना काला पड़ सकता है। परागण प्रक्रिया प्रभावित होने से उत्पादन में कमी आ सकती है। भूरा तेला का प्रकोप बढ़ सकता है। इसके लिए किसानों को तैयार रहना चाहिए। किसानों को चेस (पाइमैट्रोजिन 50डब्ल्यूजी को 120 ग्राम प्रति एकड़ की दर या फिर डाइनोटिफ्यूरान को 50 ग्राम प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। बारिश से सब्जी की फसलों को भी नुकसान है।
[ad_2]
Karnal News: बारिश से फसलों को नुकसान, जलभराव से दिक्कत


