ट्रम्प बोले- मैं जग रुकवाने में माहिर: ये नोबेल के लिए नहीं करता; अब अफगानिस्तान-पाकिस्तान में जारी, उसे लौटकर निपटाउंगा Today World News

[ad_1]

न्यूयार्क6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नोबेल पीस प्राइज नहीं मिलने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पहली बार रिएक्शन सामने आया है। व्हॉइट हाउस की तरफ से सोमवार को जारी एक ऑडियो क्लिप में ट्रम्प कहते हैं कि, मैंने अब तक 8 युद्ध रुकवाए हैं। ऐसा करना सम्मान की बात है। मैंने लाखों लोगों की जान बचाई।

ट्रम्प आगे कहते हैं कि, अभी जो नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया यह 2024 के लिए चुना गया था। लेकिन कुछ लोग कह रहे थे कि मैं अपवाद बन सकता हूं क्योंकि मैंने जो जंग रुकवाई हैं वो सभी इस साल यानी 2025 के घटनाक्रम हैं, फिर भी मैंने यह नोबेल के लिए नहीं किया। मैंने यह जीवन बचाने के लिए किया।

यही नहीं ट्रम्प ने आगे कहा, ‘मैंने सुना है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी युद्ध चल रहा है। मैंने कहा, उन्हें मेरे वापस आने तक इंतजार करना होगा। क्योंकि मैं युद्ध सुलझाने में माहिर हूं।

दरअसल ट्रम्प गाजा सीजफायर समझौते के पहले चरण के तहत इजराइल गए हैं। वहां से मिस्र जाएंगे। रॉयटर्स के मुताबिक यह बैठक रेड सी के पास शर्म अल-शेख में होगी। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प समेत 20 देशों के नेता शामिल होंगे।

वेनेजुएला में विपक्षी नेता मारिया मचाडो को मिला नोबेल शांति पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया मचाडो को शांति का नोबेल पुरस्कार मिला है। उन्होंने वेनेजुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही से लोकतंत्र की ओर शांतिपूर्ण बदलाव लाने के लिए 20 साल लगातार संघर्ष किया है।

नोबेल समिति ने कहा कि आज जब दुनिया के कई हिस्सों में तानाशाही बढ़ रही है और लोकतंत्र कमजोर हो रहा है, ऐसे समय में मारिया मचाडो जैसे लोगों की हिम्मत उम्मीद जगाती है।

ट्रम्प को नोबेल क्यों नहीं मिला?

2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2025 थी। इस तिथि के बाद प्राप्त नामांकनों पर विचार नहीं किया गया। नामांकन की प्रक्रिया 1 फरवरी से शुरू होती है, और 31 जनवरी तक मिले नामांकनों को ही मान्य माना जाता है।

ट्रम्प के 20 जनवरी 2025 को दोबारा राष्ट्रपति बनने के सिर्फ 11 दिन बाद नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकन बंद हो गया था। इतने कम दिन में ट्रम्प के पास करने के लिए बहुत कुछ नहीं था जिसके लिए उन्हें नोबेल मिलता।

8 देशों ने ट्रम्प को नोबेल के लिए नॉमिनेट किया था

8 देशों ने ट्रम्प को नोबेल के लिए नॉमिनेट किया था। इनमें पाकिस्तान और इजराइल जैसे धुर विरोधी देशों के अलावा अमेरिका, आर्मेनिया, अजरबैजान, माल्टा, कंबोडिया जैसे देश हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अर्जेंटीना ने भी ट्रम्प को नोबेल के लिए सिफारिश की थी।

गांधी नोबेल के लिए 5 बार नॉमिनेट हुए थे

नोबेल शांति पुरस्कार 1901 से 2024 तक 141 बार दिया जा चुका है। 111 व्यक्तियों और 30 संगठनों को यह सम्मान मिला है। गांधी को 1937 से 1948 तक 5 बार नोबेल के लिए नॉमिनेट किया गया था, लेकिन हर बार वे पुरस्कार से चूक गए।

गांधी 1948 में नोबेल के सबसे बड़े दावेदार थे, लेकिन नॉमिनेशन क्लोज होने से 1 दिन पहले ही उनकी हत्या कर दी गई थी। नोबेल कमेटी ने उस साल किसी को भी शांति का नोबेल नहीं दिया।

कमेटी का कहना था कि वे किसी ऐसे व्यक्ति को यह पुरस्कार देना चाहते थे जो गांधी जैसी शांति और अहिंसा की भावना को बढ़ावा दे, लेकिन उन्हें कोई उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिला।

1895 में हुई थी नोबेल पुरस्कार की स्थापना

नोबेल पुरस्कारों की स्थापना 1895 में हुई थी और पुरस्कार 1901 में मिला। 1901 से 2024 तक साहित्य की फील्ड में 121 लोगों को सम्मानित किया जा चुका है।

इन पुरस्कारों को वैज्ञानिक और इन्वेंटर अल्फ्रेड बर्नहार्ड नोबेल की वसीयत के आधार पर दिया जाता है। शुरुआत में केवल फिजिक्स, मेडिसिन, केमिस्ट्री, साहित्य और शांति के क्षेत्र में ही नोबेल दिया जाता था। बाद में इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में भी नोबेल दिया जाने लगा।

नोबेल प्राइज वेबसाइट के मुताबिक उनकी ओर से किसी भी फील्ड में नोबेल के लिए नॉमिनेट होने वाले लोगों के नाम अगले 50 साल तक उजागर नहीं किए जाते हैं।

खबरें और भी हैं…

[ad_2]
ट्रम्प बोले- मैं जग रुकवाने में माहिर: ये नोबेल के लिए नहीं करता; अब अफगानिस्तान-पाकिस्तान में जारी, उसे लौटकर निपटाउंगा