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पांच टीमों के 40 कर्मचारियों ने 5 दिन की कड़ी मेहनत के बाद हांसी से लेकर आए 16/20 एमवीए का 132/11 किलोवाट के नए ट्रांसफार्मर को प्लेटफार्म पर रखा। उसमें इंसुलेटिंग तेल डालने से लेकर सभी काम किए लेकिन वह चालू ही नहीं हुआ। रेवाड़ी से आई मीटर एंड प्रोटेक्शन टीम ने जांच के 4-5 मिनट बाद नए ट्रांसफार्मर को डैमेज घोषित कर दिया।
टीम के अनुसार ट्रांसफार्मर में कोई इंटरनल ही फॉल्ट आया है। यह काम नहीं कर रहा है। इसे वापस कंपनी में ही भेजा जाएगा। अब बिजली निगम की ओर से नारनौल से ट्रांसफार्मर मंगवाया गया है। इसके यहां नारनौल से आने और लगने में 3-4 दिन का समय लगेगा। इसके लिए दो अलग-अलग टीमें काम करेंगी। एक टीम नारनौल से ट्रांसफार्मर लेकर आएगी और दूसरी टीम इस ट्रांसफार्मर को उतारने का काम करेगी।
दूसरी तरफ इस ट्रांसफार्मर से जुड़ी बिजली सप्लाई अभी 4 अलग-अलग फीडरों से ही चल रही है। निगम के अधिकारियों के अनुसार शहर और उससे जुड़े गांवों में बिजली की की सप्लाई सही चल रही है। बस घिकाड़ा फीडर पर थोड़ी डिस्टरबेंस चल रही है। इसका कारण उन्होंने नहर में पानी आना बताया। इस कारण से बिजली की अतिरिक्त खपत बढ़ गई है।
तेल निकालने के लिए कैरू से मंगवाया है टैंकर
नए ट्रांसफार्मर में डाले गए तेल को निकालने लिए भिवानी जिले के कैरू से टैंकर से मंगवाया गया है। वहां से टैंकर आने के बाद तेल निकालने की प्रोसेस पूरी की जाएगी। फिर इस तेल को नारनौल में आए ट्रांसफार्मर में डाला जाएगा।
उत्तराखंड स्थित कंपनी से लाया गया था ट्रांसफार्मर
हांसी में रखा ट्रांसफार्मर 5-6 माह पहले ही उत्तराखंड के सितारगंज स्थित टीएएल (टेक्नीकल एसोसिएटस लि.) कंपनी लाया गया था। ट्रांसफार्मर फिट करने के लिए आए कंपनी के कर्मचारी ने फाल्ट के बारे में बताया कि वहां से भेजे जाने के बाद ये यहां खुले में पड़े रहते हैं। इनकी इतनी सार-संभाल नहीं हो पाती। बारिश, धूप में ऐसे ही पड़े रहने से इनके किसी भी पार्ट में खराबी आ जाती है।
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चरखी दादरी: 5 टीमों के 50 कर्मचारी और 5 दिन की कड़ी मेहनत, फिर भी ठीक नहीं हुआ ट्रांसफार्मर


