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फतेहाबाद । पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धांत जैन ने नागरिकों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों, विशेषकर फर्जी लोन ऐप के माध्यम से हो रही डिजिटल ठगी को लेकर गंभीरता से सचेत किया है। शनिवार को जारी विज्ञप्ति में एसपी ने कहा कि आधुनिक तकनीक जहां एक ओर नागरिकों के जीवन को आसान बना रही है। कुछ शातिर साइबर ठग इसी तकनीक का दुरुपयोग कर आम लोगों को चपत लगाने में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग की इस तेज़ रफ्तार दुनिया में अपराधी बेहद पेशेवर तरीके से काम करते हैं। मोबाइल पर लुभावने विज्ञापन, व्हाट्सअप संदेश और सोशल मीडिया पर चकाचौंध भरे ऑफर्स जैसे मिनटों में लोन, बिना दस्तावेज, तुरंत पैसा, के माध्यम से नागरिकों को फंसाया जाता है। ऐप डाउनलोड करते ही यूजर से आधार, पैन, गैलरी और माइक्रोफोन जैसी संवेदनशील जानकारियां मांगी जाती हैं।
शुरुआत में 2,000 से 10,000 रुपये तक की राशि खाते में भेजी जाती है ताकि विश्वास बनाया जा सके। लेकिन कुछ ही दिनों में कई गुना ब्याज वसूलने की धमकी, अश्लील फोटो भेजने की ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न का खेल शुरू हो जाता है। कई पीड़ित इस मानसिक दबाव में सामाजिक शर्मिंदगी और अवसाद जैसी स्थितियों तक पहुंच जाते हैं। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने नागरिकों को सजग रहने की सख्त सलाह देते हुए कहा कि किसी भी लोन ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी वैधता अवश्य जांचें। यदि कोई नागरिक इस तरह के फ्रॉड का शिकार होता है तो उसे बिल्कुल न घबराते हुए तुरंत साइबर सेल या नजदीकी पुलिस थाना में संपर्क करना चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।
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