[ad_1]
रोहतक। पीजीआई में राहत के लिए आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां इन्हें दवा नहीं मिल रही है। चिकित्सकों की ओर से लिखी गई ज्यादातर दवाएं औषधालय में उपलब्ध नहीं हैं।
मरीजों का कहना है कि चिकित्सक पांच दवाइयां लिखते हैं तो अस्पताल में दो ही तरह की दवाएं मिलती हैं। शेष दवा बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। इससे गरीब व दूर-दराज से आने वाले मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
संस्थान प्रबंधन का दावा है कि सभी मरीजों को सस्ती व गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हैं। हकीकत इसके उलट है। दवाइयों की कमी व सप्लाई में खामियों के चलते मरीज परेशान हैं। पीजीआई के औषधालय खाली होने लगे हैं। बाहर के निजी औषधालय पर लंबी कतारें लगी रहती हैं।
वर्जन
संस्थान में सभी दवाएं उपलब्ध हैं। मरीजों के लिए और दवाएं भी मंगवाई गई हैं। कुछ कमी थी। नई सप्लाई आने से दवा किल्लत दूर हो गई है। अब भी कहीं दवा कम है तो इस कमी को दूर किया जाएगा। -डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआई।
यहां इलाज के लिए आई हूं। सरकारी अस्पताल में दवा व इलाज से राहत मिलेगी। यहां भी आधी से ज्यादा दवा बाहर से खरीदनी पड़ रही है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। -ब्रह्म कौर, गोहाना।
पत्नी के साथ सुबह सात बजे जुलाना रेल से पीजीआई आए हैं। सुबह 11 बजे नंबर आया। डॉक्टर ने कार्ड पर पांच दवा लिखी हैं। इनमें से दवा काउंटर पर दो ही मिली। बाकी बाहर से लेनी पड़ेंगी। यहां राहत से ज्यादा परेशानी मिल रही है।
-बलजीत, जुलाना।
47 बलजीत

47 बलजीत

47 बलजीत
[ad_2]
Rohtak News: नाम की पीजीआई…दवाएं बाहर से खरीद रहे मरीज



