[ad_1]
Last Updated:
सिल्क साड़ी की खूबसूरती और चमक लंबे समय तक बनाए रखने के लिए उसकी सही देखभाल बेहद जरूरी है. इसे लोहे के हैंगर पर टांगने से बचें, पॉलीथिन में न लपेटें, बार-बार ड्राई क्लीन न कराएं और एल्कोहल वाला परफ्यूम भी न लगाएं. हल्की छांव में सुखाना और हर कुछ महीने में साड़ी की फोल्डिंग बदलना इसके रखरखाव के अहम टिप्स हैं.
सिल्क की साड़ी को कभी भी लोहे के हैंगर में टांगकर न रखें. इससे हैंगर में जंग लगने पर साड़ी खराब हो जाती है. अगर टांगनी ही है तो प्लास्टिक या लकड़ी वाले हैंगर का इस्तेमाल करें.

सिल्क की साड़ी को पॉलीथिन में लपेटकर न रखें. इससे फैब्रिक में नमी आ जाती है और जरी खराब हो जाती है. हमेशा कॉटन के थैले या सूती कपड़े में साड़ी को लपेटकर रखें.

साड़ियों को आलमारी के सबसे नीचे या ढेर साड़ी के नीचे दबाकर न रखें. इससे साड़ी की सिलवटों पर लाइनें पड़ जाती हैं. हर 2-3 महीने में उनकी फोल्डिंग बदलते रहें ताकि कपड़ा खराब न हो.

जल्दी-जल्दी ड्राई क्लीन कराने से साड़ी की चमक फीकी पड़ जाती है. पहनने के बाद गीले कपड़े से हल्का साफ करें और 2-3 दिन हवा में सुखाएं. इससे ड्राई क्लीन की जरूरत कम होगी.

साड़ी पहनते समय उस पर कभी भी एल्कोहल वाला परफ्यूम न डालें. इससे कपड़े और जरी दोनों खराब हो सकते हैं. एल्कोहोल फ्री परफ्यूम या इत्र का ही इस्तेमाल करें ताकि कपड़ा सुरक्षित रहे.

साड़ी को तेज धूप में न सुखाएं. इससे रंग फीका पड़ सकता है और कपड़ा भी कमजोर हो जाता है. हल्की छांव या हवा में सुखाना बेहतर होता है, खासतौर पर पहनने के बाद की सफाई के समय.

बहुत समय तक एक ही फोल्ड में बंद करके न रखें. हर कुछ महीने में साड़ी को निकालकर हवादार जगह पर कुछ देर रखें और फिर फोल्ड बदलकर रखें. इससे कपड़ा भी सांस लेता है और चमक बनी रहती है.
[ad_2]



