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अंबाला। चुनावों की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। आचार संहिता लागू होने से रोडवेज के भी कई प्रोजेक्ट अटक गए हैं। इसमें नारायणगढ़ बस स्टैंड परिसर हो या बिजली चलित बसों का संचालन दोनों का ही लाभ यात्रियों को चुनाव समाप्त होने के बाद ही मिलने की उम्मीद है। इसमें सिर्फ आचार संहिता ही नहीं बल्कि कुछ परियोजनाएं तो विभागीय हीलाहवाली के कारण अधर में लटकी हैं। जिन पर अभी तक काम होता तो परियोजनाएं काफी आगे जा सकती थीं। इसी में से एक अंबाला सिटी की रोडवेज वर्कशॉप भी है। इसका तो अभी तक विभाग नक्शा भी तैयार नहीं करा पाया है।
जेई अमरदीप ने बताया कि नारायणगढ़ बस अड्डा के लिए विभाग ने अनुमानित एस्टीमेट बना दिया है। इसे अगले सप्ताह तक चंडीगढ़ में मुख्यालय निर्माण सदन में भेजा जाएगा। मुख्यालय में संबंधित विभाग इसकी जांच करेंगे। जांच के बाद परियोजना सरकार के पास बजट के लिए भेज दी जाएगी। इसके बाद इसमें इलेक्टि्रकल, दमकल विभाग के कार्यों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब तीन सप्ताह पहले मुख्यालय से आयी टीम ने नारायणगढ़ बस अड्डे का निरीक्षण भी किया था। अब यह बस अड्डा दो फ्लोर का बनाया जाना है।
रोडवेज वर्कशाप का काम भी अधर में लटका
इस परियोजना के तहत अंबाला शहर में रोडवेज वर्कशॉप भी दोबारा से बनाई जानी है। मौजूदा समय में रोडवेज वर्कशाप की बिल्डिंग काफी पुरानी हो चुकी है। इसके लिए मुख्यालय स्तर से प्रक्रिया चल रही है। लेकिन आचार संहिता के कारण यह भी काम अभी रुका नजर आ रहा है।
इलेक्ट्रिक बसें नहीं मंगा सके
अंबाला शहर में 50 इलेक्ट्रिक बसें आनी हैं। पहले चरण में पांच बसें आनी हैं, इसके लिए रोडवेज की और से पिछले आठ महीने से प्रक्रिया चल रही है लेकिन अभी तक बसें नहीं आईं जबकि रोडवेज विभाग की ओर से अंबाला शहर बस स्टैंड परिसर में 18 लाख रुपए की लागत से चार्जिंग स्टेशन बना दिया गया है। जिसमें बेस बनाया गया, इसके साथ ही ट्रांसफार्मर रखा गया है, पैनल लगाए गए हैं और गुरुग्राम से जेवीएम कंपनी का चार्जर मंगवाकर स्थापित भी कर दिया गया। पिछले काफी समय से बसों की इंतजार करते करते आचार संहिता भी लग गई लेकिन इलेक्ट्रिक बस अंबाला नहीं आई
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