मानेसर निगम चुनावः केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत को झटका, राव नरबीर के समर्थक की जीत, कौन बना सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर? Haryana News & Updates

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गुरुग्राम. हरियाणा के गुरुग्राम का मानेसर नगर निगम चुनाव प्रदेश के दो बड़े नेताओं की वर्चस्व की लढ़ाई बन गया. हांलांकि, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव में झटका लगा. हुआ यूं कि उनके सियासी विरोधी मंत्री राव नरबीर सिंह के खेमे को मानेसर चुनाव में सफलता मिली.

दरअसल, मंगलवार को गुरुग्राम नगर निगम मानेसर में हुए सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के चुनाव में राव नरबीर सिंह समर्थक गुट ने बड़ी जीत दर्ज की है. वार्ड-12 से निर्दलीय पार्षद चुने गए और बाद में भाजपा में शामिल हुए प्रवीण यादव को सीनियर डिप्टी मेयर और वार्ड-2 की पार्षद रीमा दीपक चौहान को डिप्टी मेयर चुन लिया गया.

सुबह 10:45 बजे नामांकन की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन राव इंद्रजीत सिंह समर्थक पार्षदों की गैरमौजूदगी के चलते प्रक्रिया देरी से शुरू हुई. चुनाव में कुल 12 पार्षद ही शामिल हुए, जो सभी राव नरबीर सिंह के खेमे से थे. इनमें 3 नामित पार्षद भी शामिल थे. मेयर समेत राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक 8 पार्षद मतदान प्रक्रिया से नदारद रहे.

पार्षदों की सूची– गुट साफ

राव नरबीर सिंह समर्थकों में पार्षद रीमा दीपक चौहान (वार्ड-2), रूचि कौशिक (वार्ड-3), रिपु शर्मा (वार्ड-4), दिनेश यादव (वार्ड-5), बालकिशन (वार्ड-6), कंवरपाल (वार्ड-7), ज्योति वर्मा (वार्ड-9), मनोज कुमार (वार्ड-11), प्रवीण यादव (वार्ड-12), संगीता यादव (वार्ड-14), दयाराम (वार्ड-16) और सुमन यादव (वार्ड-17) मौजूद रहे.

वहीं, राव इंद्रजीत सिंह समर्थक 8 पार्षद चुनाव से दूर रहे. इनमें प्रताप (वार्ड-15), जोगिंदर यादव (वार्ड-1), रविंद्र (वार्ड-13), भूपेंद्र उर्फ बंटी, पिंकी देवी, प्रवेश यादव, राजदान और रवि यादव चुनाव में शामिल नहीं हुए. अहम बात है कि सांसद का भी वोट होता है और राव इंद्रजीत दिल्ली में एक मीटिंग में चले गए और चुनाव में नहीं आए.

मेय़र प्रवीण यादव का राजनीतिक सफर

प्रवीण यादव को भाजपा ने वार्ड-12 से टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. चुनाव के बाद उन्होंने फिर से भाजपा ज्वाइन कर ली थी. शुरुआत में वे केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के खेमे में माने जाते थे, लेकिन समय के साथ उनका झुकाव कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह की ओर हुआ और अब वह डिप्टी मेयर बन गए हैं. इसी तरह रीमा चौहान सीनियर डिप्टी मेयर चुनी गई हैं.

मोदी सरकार में मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और हरियाणा सरकार में मंत्री नरबीर सिंंह.
राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव

इस परिणाम को राव नरबीर सिंह के गुट की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है. वहीं राव इंद्रजीत सिंह समर्थक गुट की अनुपस्थिति ने साफ कर दिया कि गुटबाजी नगर निगम की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा रही है. कुल 20 वार्डों में से बहुमत साबित करने के लिए 12 वोट जरूरी थे, जो राव नरबीर गुट ने आसानी से हासिल कर लिए. प्रशासनिक तैयारियों के बावजूद विरोधी गुट की गैरहाज़िरी ने इस चुनाव को एकतरफा बना दिया. उधर, नगर निगम मानेसर की इस राजनीतिक उठापटक पर अब आगे के घटनाक्रमों पर सभी की निगाहें टिकी हैं. हालांकि, भाजपा के लिए यह ना जीत ना ही हार वाली परिस्थिति रही है.

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