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अंबाला। लगभग नौ माह पहले रुणिचा एक्सप्रेस से चोरी हुए 35 तोले सोने के मामले के जीआरपी ने हांसी के सुनार रविंद्र उर्फ रवि को काबू किया है। आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है ताकि सोने की बरामदगी हो सके और इसके अलावा चोरी का सोना खरीदने वाले अन्य व्यापारियों तक पहुंचा जा सके। प्राथमिक जानकारी में आरोपी सुनार ने बताया कि जिन लोगों ने उसे सोना बेचा था, उन्होंने इसे अपना बताया था, इसलिए उसने सोना खरीद लिया था। अगर उसे चोरी का सोना होने की जानकारी होती तो वह कभी भी ऐसा काम नहीं करता। अंबाला जीआरपी की टीम लगातार इस हाइप्रोफाइल मामले को सुलझाने में जुटी हुई है।
पकड़े थे सांसी गिरोह के सदस्य
चोरी की इस घटना के संबंध में गुरुग्राम जीआरपी थाने में मामला दर्ज किया गया था लेकिन यह मामला गुरुग्राम की टीम नहीं सुलझा पाई तो अंबाला जीआरपी टीम को मामले की तह तक पहुंचने और सोने की रिकवरी के आदेश एसपी रेलवे द्वारा दिए गए। अंबाला जीआरपी टीम कड़ियां जोड़ते हुए सासी गिरोह तक पहुंची और इस मामले से जुड़े आधा दर्जन व्यक्तियों को काबू किया। पकड़े गए सांसी गिरोह के सदस्य मूलरूप से हांसी व जींद के रहने वाले हैं और इन पर पहले भी चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
यह था मामला
गुरुग्राम निवासी आंचल शेखावत की शिकायत पर जीआरपी ने मामला दर्ज किया था। शिकायत में उन्होंने बताया था कि 16 नवंबर 2024 को वह ट्रेन नंबर 14088 रुणिचा एक्सप्रेस में अकेली सफर कर रही थी। ट्रेन सुबह 9.45 बजे गुरुग्राम पहुंची थी। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने से लगभग 10 मिनट पहले वह कोच से बाहर गेट की तरफ आई तभी गेट पर पहले ही खड़े लड़कों ने मदद के बहाने उसके इर्द-गिर्द घेरा बना लिया और मौका मिलते ही सूटकेस में रखे एक स्टील बॉक्स से 35 तोले के सोने के आभूषण चोरी कर लिए।
गुरुग्राम जीआरपी थाने में दर्ज मामले में एक सुनार को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पांच दिन के रिमांड पर है। इस संबंध में पहले सांसी गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
– जोगिंदर सिंह, प्रभारी जीआरपी अंबाला।
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