[ad_1]
अंबाला सिटी। जिले में गलत तरीके से होने वाले गर्भपात को रोकने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पतालों को भी निर्देश दिए हैं। अब तीनों नागरिक अस्पताल में आने वाले गर्भपात का रिकाॅर्ड रखा जाएगा। इतना ही नहीं अस्पताल को महिला से यह भी पूछना होगा कि उसका गर्भपात किन कारणों से हुआ है। इसकी रिपोर्ट विभाग मुख्यालय को देनी होगी, इसके साथ ही अगर किसी महिला ने एमटीपी किट के प्रयोग से गर्भपात किया है तो एमटीपी किट लाने के बारे में भी बताना होगा, इसके बाद अस्पताल उस किट को बेचने वाले चिकित्सक केंद्र से संपर्क करेगा।
बहाने बनाकर करवाते हैं गर्भपात
कई बार देखने में आता है कि महिलाएं गर्भपात के बाद अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचती हैं। मगर जब महिलाओं से उनका कारण पूछा जाता है तो वे कह देती हैं कि पैर फिसलने से या फिर कहीं गिरने से उनका गर्भपात हो गया है, जबकि हकीकत कुछ और ही होती है। ऐसे में गलत तरीके से करवाए गए गर्भपात पकड़ में नहीं आते हैं।
12 सप्ताह के बाद करवाया गर्भपात तो होगी कार्रवाई
पीएनडीटी टीम की ओर से प्रत्येक सप्ताह में होने वाले गर्भपात का डॉटा लिया जा रहा है, जिसमें 12 सप्ताह से अधिक समय के बाद गर्भपात करवाने वाली महिलाओं से सारी जानकारी ली जाती है। अगर अकारण ही 12 माह के बाद गर्भपात किया गया हो तो संबंधित एमटीपी केंद्र पर भी कार्रवाई होगी इसके साथ ही केंद्र को सील भी किया जाएगा।
लिंगानुपात में सुधार के लिए प्रयास जारी
जिले में लगातार कम होते लिंगानुपात के लिए अब पीएनडीटी की टीम लगातार दबिश बढ़ा रही है। जिले में चल रहे एमटीपी और पीएनडीटी केंद्रों पर भी लगातार दबिश दी जा रही है। जांच के लिए चिकित्सकों की भी डयूटी लगाई गई है।
हमारी ओर से सभी अस्पतालों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। गर्भपात करवाने के बाद उपचार के लिए आने वाली महिलाओं का पूरा डाटा व कारण पूछने के निर्देश जारी किए गए हैं।
– डॉ विपिन भंडार, नोडल अधिकारी जिला पीएनडीटी टीम।
[ad_2]
Source link



