Fatehabad News: घग्गर नदी में बढ़ा जलस्तर, चांदपुरा हेड पर 1640 क्यूसेक पहुंचा Haryana Circle News

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जाखल। शिवालिक की पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश के कारण घग्गर नदी में पानी का स्तर पीछे से तेजी से बढ़ रहा है। इससे जाखल क्षेत्र से गुजरती घग्गर नदी के चांदपुरा साइफन हेड पर भी जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

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पिछले 34 घंटे में नदी के गुहला चीका हेड पर पानी के स्तर में 16 हजार क्यूसेक से अधिक वृद्धि हुईं दर्ज की गई है। नदी के जलस्तर में पीछे से हो रहीं वृद्धि से चांदपुरा साइफन हेड पर भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट मुताबिक 29 जून की सुबह गुहला चीका हेड पर 4620 क्यूसेक पानी बह रहा था, जो 30 जून की सुबह बढ़कर 9240 क्यूसेक तक पहुंच गया।

वहीं विभाग की मंगलवार शाम 4 बजे की रिपोर्ट में गुहला चीका हेड पर जलस्तर बढ़कर 25 हजार से पार हो गया है। पीछे से नदी के पानी में हुईं वृद्धि से चांदपुरा साइफन हेड पर भी पानी लगातार बढ़ता जा रहा है। सिंचाई विभाग अनुसार 30 जून शाम को चांदपुरा साइफन हेड पर 900 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था, मंगलवार शाम को बढ़कर 1640 क्यूसेक हो गया है।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल चांदपुरा हेड पर पानी का आंकड़ा खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन नदी में जिस प्रकार से जलस्तर का आंकड़ा बढ़ रहा है, उससे क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ रही है। मंगलवार शाम की नदी के जलस्तर की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दिनों में यहां जलस्तर और बढ़ने के आसार हैं।

2023 में आई थी बाढ़

जाखल क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घग्गर नदी के चांदपुरा हेड पर पानी की क्षमता 22 हजार क्यूसेक है, वहीं नदी के सहायक रंगोई नाले की क्षमता भी 6 हजार क्यूसेक है। यहां जैसे ही पानी का आंकड़ा 15 हजार क्यूसेक को पार कर जाता है तो क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराना शुरू हो जाता है। वर्ष 2023 में ऐसा ही हुआ था। नदी में जलस्तर 17 क्यूसेक के पार होने पर घग्गर कई जगह से ओवरफ्लो होना शुरू हो गई थी। इसके बाद नदी और रंगोई के तटबंधों के टूटने के चलते जाखल व कुलां क्षेत्र के गांवों में बाढ़ ने तबाही मचाई थी।

पहाड़ी इलाकों में हुई बरसात के कारण घग्घर नदी का जलस्तर बढ़ा है। बाढ़ बचाव के लिए प्रशासन की तरफ से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। फिलहाल जलस्तर काफी कम है। ऐसे में घबराने की कोई बात नही है। नदी के जलस्तर पर प्रशासन ने पूरी तरह से नजर बनाई हुई है।

-संजीव सिंगला, एसडीओ सिंचाई विभाग, टोहाना

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