चंडीगढ़ में पूर्व चीफ आर्किटेक्ट को किया डिजिटल अरेस्ट: 2.5 करोड़ ठगे; DIG बनकर दिखाया फर्जी कोर्ट ऑर्डर, पैसे करवाए ट्रांसफर – Chandigarh News Chandigarh News Updates

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चंडीगढ़ की पूर्व चीफ आर्किटेक्ट महिला से 2.5 करोड़ की ठगी।

चंडीगढ़ के सेक्टर-10ए की रहने वाली 70 साल की महिला चीफ आर्किटेक्ट से करीब 2.5 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने खुद को ट्राई (टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया), सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट का वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए महिला को डिजि

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ठगों ने मानसिक दबाव बनाकर कई दिन तक उनसे बड़ी राशि ट्रांसफर करवा ली। पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर 17 साइबर सेल थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

गोपनीय जांच का देते रहे हवाला

महिला को भरोसे में लेने के लिए आरोपी बार-बार ‘गोपनीय जांच’ का हवाला देते रहे और कहा कि वह इस बारे में किसी से बात न करें। महिला को लगातार बताया गया कि अगर उन्होंने किसी को जानकारी दी, तो यह जांच में बाधा मानी जाएगी और उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बोला-सीबीआई अफसर से करिए बात

साइबर सेल को दी शिकायत में चंडीगढ़ की पूर्व चीफ आर्किटेक्ट सुमित कौर ने बताया 3 मई को महिला को एक फोन कॉल आया। जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई का अधिकारी बताया और कहा कि उनके मोबाइल नंबर का गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ है। जिसके चलते उन पर एफआईआर दर्ज है। ठगों ने महिला को आगे की जांच के लिए एक कथित पुलिस अधिकारी से जोड़ दिया।

वॉट्सऐप कॉल से व्यक्ति से जोड़ा

इसके बाद वॉट्सऐप कॉल के माध्यम से महिला को एक व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने खुद को सीबीआई का डीआईजी राज रंजन बताया। कॉल में महिला को बताया गया कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है। जिसमें जेट एयरवेज के सीईओ नरेश गोयल भी शामिल हैं।

उन्हें फर्जी गिरफ्तारी वारंट भी दिखाया और यह भी कहा कि मुंबई के कैनरा बैंक में उनके नाम से एक फर्जी खाता खोला गया है। जिसका इस्तेमाल अपराध में हो रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के जज की फर्जी वीडियो कॉल

4 मई को शिकायतकर्ता को बताया कि वह ‘डिजिटल अरेस्ट’ में हैं और अब उन्हें हर समय मोबाइल ऑन रखना होगा। उनकी बैंक, बीमा, म्यूचुअल फंड, पीपीएफ और डाकघर में जमा पूरी संपत्ति की जानकारी मांगी गई। 5 मई को महिला को एक वीडियो कॉल के जरिए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलवाया गया।

फर्जी कोर्ट ऑर्डर दिखाया

उन्हें एक फर्जी कोर्ट ऑर्डर दिखाकर कहा गया कि उनकी सारी संपत्ति को 48 घंटे के लिए एक ‘सीक्रेट सुपरविजन अकाउंट’ में ट्रांसफर करना होगा। चूंकि महिला उसी दिन पैसे ट्रांसफर नहीं कर सकी, उनसे एक आवेदन लिखवाया गया, जिसमें अधिक समय मांगा गया।

दबाव में 2.5 करोड़ किए ट्रांसफर

इसके बाद ठगों ने महिला को लगातार फोन और वीडियो कॉल पर निर्देश देते रहे कि बैंक में क्या कहना है, किससे कैसे बात करनी है और सार्वजनिक जगहों पर कैसे व्यवहार करना है। लगातार गिरफ्तारी की धमकियों और मानसिक दबाव में महिला ने करीब 2.5 करोड़ रुपए की रकम कई किश्तों में ठगों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दी।

कुछ दिनों बाद जब सभी नंबर बंद हो गए और कोई संपर्क नहीं हुआ, तब महिला को ठगी का एहसास हुआ।

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