Fatehabad News: 1465 गर्भवतियों की सहेली बनीं आशा वर्कर्स, बताएंगी बेटियां भी नहीं हैं कम Haryana Circle News

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फतेहाबाद। जिले के कुछ गांवों में लिंगानुपात की चिंताजनक स्थिति को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने 1465 गर्भवती की आशा वर्कर को सहेली बनाया है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में आंगनबाड़ी वर्कर को सहेली बनाया गया है।

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ये गर्भवती वो हैं जिनके पहले एक या इससे ज्यादा बेटी हैं और उनके बेटे नहीं हैं। बेटे के चक्कर में कहीं भ्रूण लिंग जांच न करवा गर्भपात न करवा लें इसको लेकर निगरानी के लिए आशा वर्कर और आंगनबाड़ी वर्कर को सहेली बनाया गया है। ये सहेली गर्भवती को बताएंगी कि बेटा-बेटी के एक समान हैं और लड़कियां भी किसी क्षेत्र में कम नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पिछले दिनों कम लिंगानुपात को लेकर सिविल सर्जन को ऐसी गर्भवती का चयन करने के निर्देश दिए थे, जिनके लड़का नहीं सिर्फ लड़कियां हैं। ऐसी गर्भवती भ्रूण लिंग जांच का प्रयास कर सकती हैं और गर्भपात की भी आशंका रहती है। इसी के चलते सिविल सर्जन कार्यालय ने 1465 गर्भवती का चयन करके आशा वर्कर और आंगनबाड़ी वर्कर को सहेली नियुक्त किया है।

आशा वर्कर की जिम्मेदारी रहेगी कि वह समय पर गर्भवती का रजिस्ट्रेशन करवाकर उसके टेस्ट करवाएं और डिलिवरी तक देखभाल रखें। हालांकि डिलिवरी के 40 दिन तक जच्चा-बच्चा की देखभाल की जिम्मेदारी आशा वर्कर की होती है।

जिले के 9 गांवों का कम रहा है लिंगानुपात

जिले में कम लिंगानुपात वाले गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें जागरूकता अभियान चला रही है। विभाग ने 700 कम लिंगानुपात वाले 9 गांवों का चयन किया है। इन गांवों का लिंगानुपात वर्ष 2019 से मार्च 2025 तक कम रहा है। इन गांवों में सरवपुर, कानीखेड़ी, बिढई खेड़ा, पूर्ण माजरा, करंडी, नूरपुर ढाणी, लधुवास, सारना, डिग्गी ढाणी शामिल हैं।

जिले का ये रहा है पिछले दिनों लिंगानुपात

वर्ष लिंगानुपात

2015 894

2016 923

2017 912

2018 893

2019 924

2020 937

2021 898

2022 950

2023 934

2024 926

स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय के निर्देश पर ऐसी गर्भवती का चयन किया गया है जिनके पहले सिर्फ लड़कियां हैं। आशा वर्कर को इनकी सहेली बनाया गया है। ये गर्भवती की देखभाल करेंगी और निगरानी रखेंगी।

– डॉ. कुलप्रतिभा, सिविल सर्जन

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