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पटना में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स में जिले के साइक्लिस्ट खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि इस बार कोई मेडल नहीं आया, लेकिन इतने बड़े मंच पर पहुंचकर प्रतियोगिता में भाग लेना और अच्छा प्रदर्शन करना अपने आप में एक उपलब्धि है।
प्रतियोगिता से लौटने के बाद खिलाड़ियों का रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया गया। कोच, परिजन और खेल प्रेमियों ने उनका हौसला बढ़ाया और बिना हार-जीत की परवाह किए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। टीम के साथ आए साइक्लिंग कोच पंजाब सिंह ने बताया कि तकनीकी दिक्कतों की वजह से खिलाड़ी पदक जीतने से चूक गए। फिर भी खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।
उन्होंने बताया कि रोड इवेंट में मनीष कुमार का प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा, लेकिन साइकिल में समस्या आने के कारण वह अंत तक गति नहीं बना पाए। प्रतियोगिता में सन्नी, विवेक, वंशिका और मयंक ने भी शानदार प्रदर्शन किया और हर राउंड में प्रतिस्पर्धा को कठिन बनाया। जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार और अन्य सदस्यों ने खिलाड़ियों की सराहना की और भविष्य में बेहतर तैयारी के लिए और निरतंर अभ्यास के लिए प्रोत्साहित किया।
राष्ट्रीय स्तर पर खेलना ही सबसे बड़ी जीत
मनीष कुमार ने कहा मैंने पूरी मेहनत की थी और शुरुआत अच्छी रही, लेकिन अंतिम दौर में साइकिल में दिक्कत आ गई। फिर भी मैं खुश हूं कि मुझे इस स्तर पर खेलने का मौका मिला। अगली बार और मजबूत होकर लौटूंगा। वंशिका ने कहा कि इतने बड़े मंच पर खेलना एक सपने जैसा था। मैं इससे बहुत कुछ सीखकर लौट रही हूं। विवेक का कहना है कि ये शुरुआत है, अगली बार जरूर जीत कर आएंगे। खिलाड़ियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर खेलना ही सबसे बड़ी जीत है।
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खेलो इंडिया यूथ गेम्स में कुरुक्षेत्र के साइक्लिस्ट ने दिखाया दमदार प्रदर्शन


