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सिरसा। हंसते-खेलते समृद्ध परिवार में अपनों के साथ रह रहे बुजुर्ग परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में खुद को अकेला दिखाकर गरीबों का राशन डकार रहे हैं। इन बुजुर्गों ने अंत्योदय अन्न योजना के तहत कार्ड बनवा रखे हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। गड़बड़ियों का खुलासा हरियाणा सरकार की ओर से परिवार पहचान पत्र की त्रुटियों को सुधारने के दौरान हुआ हैै। जांच टीम ने ऐसे सभी मामलों की रिपोर्ट फोटो समेत मुख्यालय को भेज दी है।
सरकार की ओर से पीपीपी में त्रुटियों को सुधारने के लिए 20 अप्रैल तक का समय दिया गया था। अब यह समय सीमा समाप्त हो चुकी है। इस दौरान कर्मचारियों को बुजुर्गों और नाबालिगों की ओर से खुद को अकेला दिखाकर परिवार पहचान पत्र बनवाने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी विभाग की ओर से मुख्यालय को भेज दी गई है और मुख्यालय से आदेश आने का इंतजार है। मुख्यालय से आदेश आने के बाद गलत जानकारी देकर सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व में सरकार ने 2500 ऐसे लोगों की जांच के आदेश दिए थे, जिनके नाम सिंगल परिवार पहचान पत्र में दर्ज थे। इनमें से 97 लोग ऐसे पाए गए जो 80 वर्ष से अधिक उम्र के हैं, लेकिन फिर भी एएवाई (अंत्योदय अन्न योजना) राशन कार्ड के माध्यम से सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे थे।
फील्ड निरीक्षण के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए जहां बुजुर्ग समृद्ध परिवारों के साथ रह रहे थे। कुछ मामलों में परिवार के सदस्य सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं। फिर भी, इन बुजुर्गों के लिए अलग सिंगल पीपीपी बनवाया गया, जिससे उन्हें एएवाई कार्ड सहित अन्य सरकारी लाभ मिलता रहे।
नाबालिगों के नाम पर भी बने सिंगल पीपीपी
जांच में यह भी सामने आया कि चार ऐसे नाबालिगों के नाम पर भी सिंगल परिवार पहचान पत्र बनाए गए थे, जो अपने माता-पिता के साथ रह रहे हैं। पूछताछ के दौरान नाबालिगों ने यह भी नहीं बताया कि उनके नाम पर ये आईडी कैसे बनीं। किसी ने भी खुद आईडी बनवाने की जिम्मेदारी नहीं ली।
जिले का पीपीपी आंकड़ा
कुल परिवार पहचान पत्र: 3,89,588
पीपीपी से जुड़े सदस्य: 14,07,789
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क्यों बनवाए जाते हैं सिंगल पीपीपी
बीपीएल और एएवाई कार्ड प्राप्त करने के लिए
परिवार के साथ जुड़े रहने पर पेंशन व अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता
महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं का लाभ लेने के लिए
बिजली और अन्य सरकारी सुविधाओं के लिए
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मुख्यालय स्तर पर सभी को मैसेज जारी कर 20 अप्रैल तक का समय दिया गया था। सरकार से आगामी आदेश प्राप्त होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पहले सरकार ने 2500 सिंगल पीपीपी की सूची मांगी गई थी, जिसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। – रविंद्र कुमार, इंचार्ज, परिवार पहचान पत्र, सिरसा।
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Sirsa News: गरीबों का राशन डकार रहे अमीर, 2500 सिंगल पीपीपी के सर्वे में सामने आया गड़बड़झाला



