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चरखी दादरी। नई पेयजल लाइनें बिछने के लिए शहरवासियों को एक माह और इंतजार करना पड़ेगा। बारिश की वजह से नई पेयजल लाइन बिछाने के काम में बाधा आ रही है। मशीन से खोदाई करने पर बारिश का पानी भर जाता है। इससे काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मानसून सीजन के बाद ही एजेंसी खोदाई कार्य शुरू करेगी।
इसी प्रकार जल जीवन मिशन का काम भी प्रभावित हो गया है। शहर की पेयजल परियोजना पर 115 करोड़ का बजट खर्च होना है। दो माह पहले ही जनस्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू करवाया है।
बता दें कि शहर में दस साल से नई पेयजल लाइनें नहीं बिछाई जा सकी हैं। आबादी बढ़ने के साथ पेयजल लाइनों में जोन की संख्या कम होने के कारण पानी का समान रूप से वितरण नहीं हो पा रहा है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। शहर में नए आबाद एरिया में पेयजल लाइनें बिछाए जाने की दरकार है। क्योंकि, हर साल मकानों की संख्या बढ़ रही है।
शहर में आवासीय बस्ती बढ़ने पर कॉलोनियों का दायरा बढ़ा है। ऐसे में पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है। शहर में 21 वार्ड हैं। इनमें करीब 17 हजार वैध और करीब छह हजार अवैध पेयजल कनेक्शन हैं।
शहर के वार्डों में जनस्वास्थ्य विभाग ने पेयजल आपूर्ति के लिए जोन बना रखे हैं। नई लाइनें बिछाए जाने के बाद ही सभी कॉलोनियों में पानी पहुंच सकता है। शहर में आठ बूस्टिंग स्टेशन हैं। बूस्टिंग से मेन लाइनें ज्यादा संख्या में निकल रही हैं। यह बूस्टिंग भी शहर के विभिन्न भागों में अलग-अलग एरिया में बना रखे हैं। इनसे तकरीबन शहर के सभी वार्ड और बाजार का एरिया कवर हो जाता है।
इसी प्रकार जलघर और बूस्टिंग से निकलने वाली मेन लाइनों में अवैध पेयजल कनेक्शनों की भरमार बनी हुई है। इससे अंतिम छोर पर पड़ने वाले मकानों में पानी नहीं पहुंच पाता है। यह समस्या शहर के हर वार्ड में बनी हुई है।
– इन क्षेत्रों में अवैध कनेक्शन ज्यादा
शहर के गांधी नगर, हरिनगर, प्रेमनगर, कॉलेज रोड, महेंद्रगढ़ रोड, चंपापुरी, मेन लोहारू रोड, ढाणी रोड, दिल्ली रोड एरिया, रोहतक रोड एरिया, सिविल अस्पताल रोड क्षेत्र में मेन लाइनों में ज्यादा संख्या में अवैध पेयजल कनेक्शन हैं। इससे पानी की बर्बादी ज्यादा होती है।
-20 किलोमीटर लंबाई में बिछनी हैं लाइनें
शहर में नई लाइनें बिछाई जानी हैं। पेयजल के 115 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम तीन माह पहले शुरू हुआ था। अब बारिश की वजह से यह काम बाधित हो रहा है। करीब 20 किलोमीटर लंबाई में नई पेयजल लाइनें बिछाई जानी हैं। जलघरों से बूस्टिंग स्टेशनों तक अलग से मेन लाइनें बिछाई जानी हैं। विभाग ने चंपापुरी जलघर में वाटर टैंक स्टाेरेज का काम शुरू कर रखा है। मानसून की वजह से इसका काम भी बाधित हो रहा है।
बारिश की वजह से काम प्रभावित हो रहा है। खोदाई का काम नहीं हो पाता है। खोदाई करने पर बारिश का पानी भर जाता है। -जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।
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Charkhi Dadri News: 10 साल में भी नहीं बिछ सकी पेयजल पाइपलाइन, अब बारिश ने रोका काम



