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वॉशिंगटन2 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति के रेसिप्रोकल टैरिफ के ऐलान के बाद आज अमेरिकी शेयर बाजार का इंडेक्स डाउ जोन्स करीब 1,400 अंक या 3% गिरकर 40,800 के स्तर पर आ गया है।
वहीं S&P 500 इंडेक्स में करीब 220 अंक या 4% की गिरावट है। ये 5,450 के स्तर पर है। नैस्डेक कंपोजिट सबसे ज्यादा 860 अंक या 5% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।
नाइकी, एपल और टेस्ला जैसी कंपनियों के शेयर 10% तक टूटे
नाइकी के शेयर में सबसे ज्यादा 11% की गिरावट है। एपल का शेयर 8% टूटा है। ये 206 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। टेस्ला के शेयर में भी करीब 6% की गिरावट है। वहीं, बोइंग, अमेरिकन एक्सप्रेस, अमेजन और एनवीडिया जैसी कंपनियों के शेयर भी 7-10% तक नीचे हैं।
अमेरिकी बाजार के टॉप लूजर
| शेयर | कीमत | गिरावट |
| नाइकी | $57.71 | -11.28 |
| अमेरिकन एक्सप्रेस | $251.26 | -9.07 |
| डाउ इंक | $31.86 | -8.83 |
| एपल इंक | $204.90 | -8.58 |
| अमेजन | $181.71 | -7.40 |
अमेरिकी बाजार में गिरावट के 3 कारण
- कंपनियों का मुनाफा कम होने का डर: अमेरिका ने सभी आयातित सामानों पर 10% न्यूनतम टैरिफ और कुछ देशों (जैसे चीन पर 34%, वियतनाम पर 46%) पर इससे भी ज्यादा शुल्क लगाने का ऐलान किया है। इससे वहां से आने वाले सामानों की कीमत बढ़ जाएगी। इससे कंपनियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर उनके मुनाफे पर पड़ेगा। मुनाफा कम होने की आशंका से निवेशकों ने शेयर बेचना शुरू कर दिया है, जिससे बाजार में गिरावट है।
- ग्लोबल ट्रेड वॉर का डर: अमेरिकी की ओर से टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद दूसरे देश भी जवाबी टैरिफ लगा सकते हैं। मिसाल के तौर पर, अगर भारत पर 27% टैरिफ लगा है, तो भारत भी अमेरिकी सामानों पर शुल्क बढ़ा सकता है। इससे ग्लोबल ट्रेड में रुकावट आ सकती है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित होगी। इस अनिश्चितता से निवेशक घबरा गए है और उन्होंने शेयर बाजार से पैसा निकालना शुरू कर दिया है।
- इकोनॉमिक स्लोडाउन की चिंता: टैरिफ से सामान महंगा होने पर लोग कम खरीदारी करेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो सकती है। साथ ही, मांग कम होने से कच्चे तेल की कीमतें भी गिरीं है (अमेरिकी क्रूड $69.63 प्रति बैरल)। ये कमजोरी इकोनॉमिक एक्टिविटी संकेत है। इससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया है और बाजार में गिरावट तेज हुई है।
9 अप्रैल से लागू होंगे रेसिप्रोकल टैरिफ
अमेरिका में आने वाले सभी सामान पर 10% बेसलाइन (न्यूनतम) टैरिफ लगेगा। बेसलाइन टैरिफ 5 अप्रैल को और रेसिप्रोकल टैरिफ 9 अप्रैल को रात 12 बजे के बाद लागू होंगे। बेसलाइन टैरिफ व्यापार के सामान्य नियमों के तहत आयात पर लगाया जाता है, जबकि रेसिप्रोकल टैरिफ किसी अन्य देश के टैरिफ के जवाब में लगाया जाता है।

अमेरिका भारत पर 26% टैरिफ लगाएगा
टैरिफ लगाने की घोषणा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा- भारत अमेरिका पर 52% तक टैरिफ लगाता है, इसलिए अमेरिका भारत पर 26% टैरिफ लगाएगा। अन्य देश हमसे जितना टैरिफ वसूल रहे, हम उनसे लगभग आधे टैरिफ लेंगे। इसलिए टैरिफ पूरी तरह से रेसिप्रोकल नहीं होंगे। वहीं उन्होंने कहा कि भारत बहुत सख्त है। मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं।
सेंसेक्स 322 अंक गिरकर 76,295 पर बंद हुआ
आज यानी 3 अप्रैल को सेंसेक्स 322 अंक की गिरावट के साथ 76,295 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 82 अंक की गिरावट रही, ये 23,250 के स्तर पर बंद हुआ।
आज IT, ऑटो और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा गिरावट रही। TCS, HCL टेक और टेक महिंद्रा के शेयर करीब 4% टूटे। वहीं पावर और फार्मा के शेयर में बढ़त रही।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार देर रात भारत पर 26% टैरिफ (रेसिप्रोकल यानी जैसे को तैसा टैरिफ) लगाने का ऐलान किया। ट्रम्प ने कहा- भारत बहुत सख्त है। मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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