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अमित शाह ने गिनाए वक्फ के फायदे?
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर आज लोकसभा में चर्चा जारी है। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वक्फ संशोधन विधेयक पर भाषण दिया और उसके फायदे गिनाएं। उन्होंने कहा, वक्फ में किसी गैर मुसलमान को शामिल करने का प्रावधान, हालांकि वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद में ऐसा नहीं हो सकता। वक्फ की संपत्तियों का रखरखाव ठीक से हो रहा है या नहीं, इसकी देखरेख करना वक्फ परिषद का काम होगा। अमित शाह ने इस दौरान कहा कि वक्फ की संपत्तियों को औने-पौने दामों पर बेच दिया गया। वहीं कई मामलों में वक्फ की संपत्तियों को वक्फ पर कंट्रोल रखने वालों ने 100-100 साल के लिए किराए पर दे दिया है।
अमित शाह ने गिनाए फायदे
अमित शाह ने कहा कि हम ये बिल इसीलिए लेकर आए हैं, ताकि वक्फ की संपत्ति पर कब्जा करके जो लोग बैठे हैं उन्हें इससे बाहर निकाल सकें और सजा दी जा सके। वक्फ का पैसा जो चोरी होता है, उसे पकड़ने का काम वक्फ परिषद करेगा। ये (विपक्षी दल) चाहते हैं कि इनके राज में जो वक्फ को लेकर मिलीभगत चल रही थी, वो चलती रहे, लेकिन हम ये नहीं चलने देंगे। उन्होंने कर्नाटक की एक समिति के रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कर्नाटक में वक्फ की 29 हजार एकड़ भूमि को बिजनेस के लिए किराए पर दे दी गई। वहीं बेंगलुरू में स्थित वक्फ की एक जमीन जिसकी कीमत 500 करोड़ है, उसे एक 5 स्टार होटल को दे दिया गया वो भी 12 हजार रुपये महीने के किराए पर।
अमित शाह बोले- चोरी के लिए नहीं है वक्फ की संपत्ति
अमित शाह ने कहा कि वक्फ की जमीन चोरी के लिए नहीं है। हम इसे रोकेंगे और जो ठेकेदार इसपर बैठे हैं, उनको इससे अलग करेंगे। वक्फ कानून मुस्लिम भाईयों के हित के लिए है। 4 साल में उन्हें भी पता चल जाएगा कि ये कानून उनके ही फायदे का है। अमित शाह ने कहा कि वक्फ जो कि मुस्लिम भाईयों की धार्मिक चीज है, उसमें दखल देने का इरादा सरकार का नहीं है। मुतवल्ली, वाकिफ सब मुसलमान ही होंगे। लेकिन वक्फ की संपत्ति, इसका रखरखाव ठीक से हो रहा है या नहीं, ये देखना इस बिल का काम होगा। गृहमंत्री अमित शाह ने चर्चा के दौरान कहा कि यह सरकार वक्फ के धार्मिक मामलों में कोई दखल नहीं देना चाहती। उन्होंने साफ किया कि वक्फ बोर्ड की लाखों करोड़ों की संपत्तियों और उनकी 126 करोड़ रुपये की वार्षिक आय को पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
अमित शाह बोले- ये पैसा गरीब मुसलमानों का है
अमित शाह ने कहा कि 2001 से 2012 के बीच 2 लाख करोड़ की वक्फ की संपत्ति निजी संस्थानों को दे दिया गया 100 साल की लीज पर। ये कहते हैं कि इसका हिसाब किताब न करो। ये पैसा जो है वो देश के गरीब मुसलमानों का है। ये धन्ना सेठों के चोरी के लिए नहीं है। इनके जो ठेकेदार बैठे हैं, वो गरज-गरज कर बोलते हैं। इन्हें लगता है कि ये जीत जाएंगे। लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।
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अमित शाह ने गिनाए वक्फ के फायदे? बोले- वक्फ का पैसा गरीब मुसलमानों का है – India TV Hindi
