VIDEO : कुरुक्षेत्र में श्री अकाल तख्त साहिब के सिंह साहिब को हटाने पर जत्थेदार भूपिंदर असंध का कड़ा विरोध Latest Haryana News

[ad_1]


हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने श्री अकाल तख्त साहिब के सिंह साहिब ज्ञानी रघुबीर सिंह को पद से हटाने के फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा सिख मर्यादा का उल्लंघन बताया और कहा कि यह निर्णय बिना किसी विचार-विमर्श के लिया गया है।

भूपिंदर सिंह असंध ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब में आधी रात को सिरोपा भेंट कर नए सिंह साहिब की नियुक्ति की गई, जो पूरी तरह से सिख परंपराओं और मर्यादाओं के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल अपने राजनीतिक दबदबे के जरिए SGPC पर अनुचित फैसले थोप रहे हैं।

अचानक लिए गए फैसले पर जताया रोष
जत्थेदार असंध ने कहा कि SGPC की कार्यकारिणी बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब, तख्त श्री दमदमा साहिब और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के सिंह साहिबान को हटाने का निर्णय अचानक और अनुचित रूप से लिया गया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सिख समाज में गहरी नाराजगी है और यह कौम पर थोपा गया निर्णय है, जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।

सिख संगत की राय नहीं ली गई
उन्होंने आरोप लगाया कि SGPC ने निहंग जत्थेबंदियों, संत महापुरुषों और तख्त साहिबान के अन्य सिंह साहिबान से कोई विचार-विमर्श नहीं किया। यह फैसला बिना किसी पारदर्शिता के लिया गया है, जो कि सिख मर्यादा के विपरीत है।

सुखबीर बादल पर गंभीर आरोप
पूर्व प्रवक्ता कवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने सिख समाज को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल ने बहबलकलां गोलीकांड की जिम्मेदारी स्वीकार की थी। सच्चा सौदा प्रमुख को माफी दिलाने में उनका हाथ था। वहीं, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को माफी दी गई, जबकि इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को दंडित किया गया।

SGPC से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग
जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने SGPC से अपील की कि इस फैसले पर दोबारा विचार किया जाए और सिख समाज की राय ली जाए। उन्होंने कहा कि यदि SGPC अपने फैसले को वापस नहीं लेती, तो इस मुद्दे पर व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

[ad_2]
VIDEO : कुरुक्षेत्र में श्री अकाल तख्त साहिब के सिंह साहिब को हटाने पर जत्थेदार भूपिंदर असंध का कड़ा विरोध