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जिला परिषद की चेयरपर्सन सुमन खिचड़ के खिलाफ आज आधा दर्जन पार्षदों ने अपना रोष जाहिर किया है, जिला परिषद के पार्षदों का आरोप है कि जिला परिषद की चेयरपर्सन समान रूप से काम नहीं करवा रही और काम में भेदभाव किया जा रहा है। अपने चहेतो का काम करवाया जा रहा है, जबकि कुछ पार्षदों को नजर अंदाज किया जा रहा है। इसको लेकर पार्षदों के द्वारा आज चेयरमैन के नाम से एक मांग पत्र भी सौंपा गया है, जिसमें लिखा गया है कि समान रूप से काम करवाया जाए ताकि गांव का सही रूप से विकास हो सके।
मांग पत्र देने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जिला परिषद वार्ड नंबर 13 के पार्षद प्रतिनिधि जसमेर सिवाच ने बताया की चेयरपर्सन काम में भेदभाव बरत रही है, जब वह अपने वार्ड में जाते हैं ग्रांट नहीं मिलने के कारण जनता उनसे सवाल जवाब करती है। जिसका पार्षदों के पास कोई भी जवाब नहीं होता। जसमेर सिवाच ने कहा कि अपने चाहते पार्षदों को अधिक ग्रांट जारी की जा रही है और उनके वार्डों में सीधी सरपंचों से साथ गांठ करके टेंडर लगा दिए जाते हैं, जिसकी जानकारी वार्ड पार्षद को नही होती। जसमेर सिंह ने खुद को बीजेपी समर्थित पार्षद बताया।
आरोप लगाया कि चुनावी रंजिश के चलते उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है, जब उनके द्वारा पिछले दिनों किए गए विकास कार्यों का लेखा-जोखा मांगा जाता है। तो वह पार्षदों को उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। उन्होंने सरकार के सबका साथ सबका विकास नारे को लेकर भी चेयरपर्सन पर कटाक्ष किया और कहा कि वह इस नारे के विपरीत काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज 6 पार्षद यहां पहुंचे हैं और चेयरपर्सन की कार्य प्रणाली को लेकर रोष जाहिर कर रहे हैं। दो पार्षद किसी कारणवश यहां नहीं पहुंच सके आठ पार्षद चेयर पर्सन के इस प्रकार के व्यवहार से दुखी है।
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