[ad_1]
पंजाब के पूर्व विधायक जसजीत सिंह को जिला अदालत से मिली जमानत।
पंजाब के शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक जसजीत सिंह बन्नी को चंडीगढ़ जिला अदालत की तरफ से जमानत मिल गई है। उन्हें 1 अगस्त 2024 को सेक्टर-8 की इनर मार्केट में कम्युनिटी सेंटर के बाहर पिस्तौल लहराते के आरोप में गिरफ्तार किया था। पूर्व विधायक की तरफ से
.
खाना पैक कराने पहुंचे थे पूर्व MLA
जानकारी के अनुसार, बुधवार 1 अगस्त रात करीब 10 बजे पूर्व विधायक जसजीत सिंह बन्नी अपने कुछ दोस्तों के साथ गाड़ी से सेक्टर-8 की मार्केट में पहुंचे। उन्होंने गाड़ी मार्केट से कुछ दूर पार्क की और मार्केट में आकर कुछ खाना पैक कराया।
थोड़ी देर में खाना पैक हो जाने के बाद वह अपने दोस्तों के साथ मार्केट से निकलकर अपनी गाड़ी के पास पहुंचे। वहां गाड़ी के बोनट पर रखकर उन्होंने खाना शुरू किया। इस दौरान गाड़ी में तेज आवाज पर गाने बज रहे थे।
पिस्टल लहराते देखा तो पुलिस को सूचना दी
खाना खाते समय ही पूर्व विधायक ने अपनी पिस्टल निकाली और हवा में लहराने लगे। वह खाने के साथ गाने पर झूम रहे थे और पिस्टल गाने के धुन की साथ हवा में लहर रही थी। यह सीन जब पास ही मौजूद एक दुकानदार ने देखा तो उनसे पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर सूचना दी।
इसके बाद सेक्टर-3 थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो पूर्व विधायक का नाम सामने आया। पुलिसकर्मियों ने इसके बाद आसपास दुकानों में लगे CCTV दिखे तो एक फुटेज में पूर्व विधायक अपने दोस्तों के साथ दिखे।
इसके बाद पुलिस ने फुटेज जब्त कर लिया और पूर्व विधायक को सेक्टर-8 की मार्केट में ही घूमते हुए गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को पूर्व विधायक ने बताया कि उनकी पिस्टल खाली थी। जब उनसे लाइसेंस मांगा गया तो वह लाइसेंस नहीं दिखा पाए।
विवादों से रहा है पुराना नाता
पूर्व MLA जसजीत सिंह बन्नी का विवादों से पुराना नाता रहा है। 2018 में उन पर एक सैलून में सेक्शुअल हैरेसमेंट और महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने का मुकदमा दर्ज हुआ था। वह सैलून में सिर की मसाज कराने पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने उस दौरान रिसेप्शनिस्ट के साथ छेड़छाड़ की। महिला ने बताया था कि जसमीत ने शराब पी रखी थी। इस मामले में 2023 में उन्हें सजा सुनाई गई थी।
बन्नी के खिलाफ नवंबर 2016 मे पंजाब पुलिस से रिटायर्ड ASI प्रकाश चंद के साथ मारपीट का भी केस दर्ज हुआ था। इस केस में बन्नी के खिलाफ कोर्ट में IPC की धारा 341 (ट्रेसपास), 325 (चोट पहुंचाना) और 506 (धमकी देना) के तहत आरोप तय हुए। इस मामले में कई साल तक पुलिस ने चार्जशीट भी फाइल नहीं की थी।
[ad_2]
Source link


