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अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को गीत गाते हुए खुशी व उत्साह के साथ मनाया। महिलाओं ने अपने गीत के जरिए कुरीतियों ,अंधविश्वास पर हमला बोला। गीत के जरिए कहा कि हमें प्रकृति का सम्मान करना चाहिए, मानवता का सम्मान करना चाहिए। अंधविश्वास व पाखंड से दूर रहेंगे तो जीवन अच्छा होगा।
इस मौके पर संबोधित करते हुए शंकुतला जाखड़ ने कहा कि महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन का हक होना चाहिए। सुबह सबसे पहले उठकर रात को सबसे आखिर में सोने वाली महिलाओं को सम्मान का हक है। घरेलू महिला भी काम करने वाले पुरूष के बराबर ही सम्मान की हकदार है। समाज में घर के काम की कोई इज्जत नहीं की जाती। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर व्यापक स्तर पर काम करने की जरूरत है। आज भी महिलाएं रात के समय घर से बाहर नहीं निकल सकती। आज के समय भी काफी जगह पर महिलाओं को पुरूषों के बराबर वेतन नहीं मिलता। इसके खिलाफ भी आवाज उठानी होगी।
इस मौके पर मुख्य वक्ता रोहतक एमडीयू की सेवानिवृत्त प्रोफेसर मंजीत राठी ने कहा कि महिलाओं को उनका हक मिलना ही चाहिए। महिलाओं के बिना सृष्टि की कल्पना ही नहीं हो सकती। हजारों तरह की शारीरिक, मानसिक पीडाएं महिलाओं को सहन करनी पड़ती हैं।
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VIDEO : हिसार में महिलाओं ने अपने गीत के जरिए कुरीतियों और अंधविश्वास पर हमला बोला



