[ad_1]
चंडीगढ़ सेक्टर-9 में स्थित चंडीगढ़ पुलिस हेडक्वार्टर के अंदर जो सीसीटीवी कैमरे सिर्फ आने-जाने वालों पर नजर रखते थे, अब उनमें वॉयस रिकॉर्डिंग भी लगा दी गई है, जिससे अंदर आने-जाने वालों की गतिविधियों के साथ उनकी बातचीत भी रिकॉर्ड होगी। इससे पुलिसकर्मिय
.
आखिर क्यों पड़ी इनकी जरूरत अभी तक यह बात साफ नहीं हो पाई है कि आखिरकार अचानक पुलिस हेडक्वार्टर के अंदर वॉयस रिकॉर्डिंग लगाने की क्या जरूरत पड़ गई। इसे लेकर पुलिस का कोई अफसर खुलकर नहीं बोल रहा है। जबकि कुछ दिन पहले ही पुलिस हेडक्वार्टर में आम जनता या छोटे से लेकर बड़े रैंक के अधिकारियों को, जो पुलिस हेडक्वार्टर में तैनात नहीं हैं, विजिटर स्लिप लेनी होगी।
इस आदेश में किसी को भी कोई छूट नहीं दी गई है।
एफआईआर तो दर्ज, गिरफ्तारी कब चंडीगढ़ के डीजीपी को बदनाम करने के लिए साजिश रचने वाले 3 पुलिसकर्मी ओमप्रकाश, जसपाल और महिला जसविंदर के खिलाफ चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच में एफआईआर तो दर्ज कर ली गई थी, लेकिन इसे एक माह से ऊपर का समय बीत चुका है।
अभी तक पुलिस तीनों में से एक की भी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। इसके अलावा, हिंदी की टाइपिंग लिखने के लिए जिस शख्स के लैपटॉप का इस्तेमाल किया गया था, उसे भी अभी तक नहीं ढूंढ पाई है।
अब सभी पर नजर
पुलिस हेडक्वार्टर की गैलरी में एसएसपी, आईजी और डीजीपी कार्यालय तक वॉयस रिकॉर्डिंग कैमरे लगाए गए।
थाना प्रभारियों के कमरों में भी पहले ही कैमरे लगाए जा चुके हैं, जिससे आम जनता के साथ उनके व्यवहार पर नजर रखी जा सके।
हेडक्वार्टर में दफ्तरों के बाहर वॉयस रिकॉर्डिंग कैमरे लगाए गए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस सीनियर अफसरों ने सख्त चेतावनी दी है कि अब किसी भी अधिकारी को बदनाम करने की साजिश रची गई तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
हेडक्वार्टर में सुरक्षा कड़ी होने और वॉयस रिकॉर्डिंग कैमरे लगने के बाद अब पुलिसकर्मियों को अपनी निजी बातचीत के लिए सावधानी बरतनी पड़ रही है।
[ad_2]
चंडीगढ़ पुलिस हेडक्वार्टर में अब दीवारों के भी कान: IPS के ऑफिस के बाहर लगाए वॉयस रिकॉर्डिंग कैमरे, सभी पर रखी जाएगी नजर – Chandigarh News
