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-डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट यूनियन बोले, अब स्कूल पहुंचे तो होगा घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता व दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की तरफ से पंजाब के स्कूलों का दौरा करने को लेकर विवाद हो गया है। सिसोदिया के शनिवार को फिर से पंजाब आने की सूचना है। ऐसे में डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट यूनियन ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन के प्रधान दिग्विजय शर्मा ने कहा कि अगर सिसोदिया ने प्रदेश के स्कूलों का दौरा किया गया तो फ्रंट उनका घेराव करेगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब के शिक्षा मंत्री व अधिकारी स्कूलों का दौरा कर सकते हैं, लेकिन सिसोदिया के पास दौरा करने का कोई अधिकार नहीं है। दिल्ली का मॉडल पंजाब में लागू नहीं हो सकता है। प्रदेश के स्कूलों की असल समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि प्रदेश के 50 प्रतिशत स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं हैं। 39 प्रतिशत में हेड मास्टर नहीं है। इसी तरह ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारियों की कमी है। शिक्षकों को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ नहीं दिया जा रहा है। 15 हजार शिक्षक व 6500 कंप्यूटर टीचरों को पक्का नहीं किया जा रहा है। जब तक बुनियादी सुविधाएं की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक स्कूलों का दौर करके से कुछ नहीं होना।
इसके अलावा शिक्षकों को फिनलैंड व सिंगापुर भेजा जा रहा है, जबकि पंजाब की जरूरतें अलग है। नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश में योजनाएं लागू की जा रही है, जबकि असल मुद्दों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी तरह पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी सिसोदिया के दौरे को लेकर हमला बोला है। वड़िंग ने कहा कि अगर इतना है तो सिसोदिया को खुद पंजाब का मंत्री बन जाना चाहिए।
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Chandigarh News: दिल्ली…
मनीष सिसोदिया के दौरे को लेकर विवाद
