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संत रामपाल को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत, 11 12 साल बाद जेल से बाहर आने की तैयारी, धनाना सतलोक आश्रम और अनुयायियों में खुशी, प्रशासन सतर्क
सोनीपत. हरियाणा के सोनीपत के गोहाना के रहने वाले और सतलोक आश्रम के प्रमुख संत रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. लंबे समय से जेल में बंद रामपाल को कोर्ट ने जमानत दे दी है, जिससे उनके समर्थकों में खुशी की लहर है. उन पर देशद्रोह सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. ऐसे में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब उनके बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है.
जानकारी के अनुसार, संत रामपाल मूल रूप से सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के धनाना गांव के रहने वाले हैं. उनके गांव में भी एक भव्य सतलोक आश्रम बना हुआ है और ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जमानत मिलने के बाद वह अपने पैतृक गांव धनाना स्थित आश्रम पहुंच सकते हैं. इस फैसले के बाद उनके अनुयायियों में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं प्रशासन भी संभावित गतिविधियों को लेकर सतर्क नजर आ रहा है. वहीं उनके गांव धनाना में आश्रम और उनके अनुयायियों में जैसे ही जमानत की खबर मिली उनमें खुशी की लहर दौड़ उठी.
राम पाल के भतीजे युद्धवीर दास ने कहा कि हमारे गुरु जी 11 -12 साल के बाद जेल से बाहर आ रहे है उनके ऊपर कोई आरोप नहीं था और वे राजनीतिक साजिश के कारण जेल में थे. कोर्ट ने दूध का दूध पानी का पानी किया है. हम बहुत खुश हैं और सभी अनुयायी खुशी में लड्डू बांट रहे है. आज का दिन हमारे लिए बड़ा दिन है.
जानकारी के अनुसार, गांव धनाना में सतलोक आश्रम 48 एकड़ में बना हुआ है. जहां 12 एकड़ में सत्संग सुनने और भंडारा की व्यवस्था है. रामपाल के भतीजे युद्धवीर दास ने बताया कि आश्रम में बड़ा पंडाल और दरबार भी है. यहां गुरु जी सत्संग करते हैं. उन्होंने बताया कि एक बार में 60 से 70 हजार आदमी भंडाराघर में खाना खा सकते हैं. इसके अलावा, लाइब्रेरी भी है, जिसमें किसी भी महापुरुष के बारे में किताबें रखी गई हैं और लोग इन्हें पढ़ सकते हैं. इसके अलावा, एक डॉक्टर 24 घंटे तैनात रहता है. एंबुलेंस की भी व्यवस्था है. यदि कोई ज्यादा बीमार होता है तो यहां से रोहतक ले जाते हैं. गुरुजी की तरफ से उपचार फ्री मिलता है. आंखों के कैंप और ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाए जाते हैं. आंखों के चश्में औक दवाइयां फ्री दी जाती है. हम कोई रूल रेगुलेशन नहीं थोपते हैं. यहां कोई बीड़ी, सिगरेट, दारू या गुटका खाता नहीं मिलेगा. सभी भक्त नशे से बहुत दूर रहते हैं.
रामपाल के भतीजे युद्धवीर दास ने बताया कि यहां पर दहेज मुक्त शादियां भी करवाई जाती हैं. गुरुजी यहां जोड़ों को बिठाकर शादी करवाते हैं. 48 एकड़ में एकड़ फैले आश्रम में 12 एकड़ में शेड है और मेट के अलावा, बड़े-बड़े पंखे लगे हुए हैं. सर्दी- गर्मी के लिए अलग-अलग व्यवस्था है. वह बताते हैं कि 3000 के करीब वॉशरूम हैं.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
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