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Haryana Weather Alert: हरियाणा में मार्च के अंत में पश्चिमी विक्षोभ से मौसम बदला, जिससे गुरुग्राम, फरीदाबाद और आसपास बारिश, आंधी व बिजली देखी गई. मौसम विभाग के अनुसार 30 मार्च तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. साथ ही 40 से 60 किमी/घंटा की स्पीड से हवाएं और चलने की संभावना है. इससे तापमान गिरने की आशंका है. लेकिन गेहूं फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है, जिससे किसानों की चिंता बनी हुई है.
फरीदाबाद: हरियाणा में मार्च के आखिर में मौसम ने अचानक पलटा खाया. लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों की परेशानी बढ़ गई. कुछ दिन पहले तक तापमान बढ़ता जा रहा था, लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम पूरी तरह बदल गया है. 26 मार्च की शाम को रेवाड़ी, नारनौल और आस-पास के इलाकों में हल्की बारिश हुई. वहीं बात करें फरीदाबाद की तो 26 मार्च की रात को तेज आंधी और हल्की बारिश हुई थी, उसके बाद 27 मार्च की सुबह से गुरुग्राम और फरीदाबाद में तेज बारिश के साथ बिजली भी चमकी. दिन की शुरुआत ठंडी हवाओं और बारिश से हुई, लेकिन दोपहर बाद धूप निकल आई, जिससे मौसम कुछ ठंडा कुछ गर्म मिलजुला सा बना रहा.
मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की वजह से है और 30 मार्च तक यही हाल रहेगा. आज और कल कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी. खासकर 29 मार्च को दिल्ली-एनसीआर और फरीदाबाद में धूल भरी आंधी और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है.
इस मौसम ने सबसे ज्यादा असर किसानों पर डाला है. फरीदाबाद और आस-पास के इलाके में गेहूं की फसल कटाई के करीब है. ऐसे में तेज हवा और बारिश फसल को नुकसान पहुंचा रही है. पहले भी आंधी से फसल गिर चुकी थी. अब दोबारा बारिश से किसानों की मेहनत पर पानी फिरने का डर बना हुआ है. 27 मार्च को तापमान औसतन 2.1 डिग्री सेल्सियस गिर गया. भिवानी में सबसे ज्यादा 32.3 डिग्री रहा बाकी जिलों में 29 से 32 डिग्री के बीच घूमता रहा. चंडीगढ़, अंबाला, करनाल में तापमान थोड़ा कम दर्ज किया गया.
आने वाले दिनों में 30 मार्च तक हल्की से लेकर मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा. यह करीब 29 से 30 डिग्री के आसपास ही रहेगा. 31 मार्च को बारिश के आसार कम हैं. बादल जरूर छाए रहेंगे और 1 अप्रैल की शुरुआत भी ऐसे ही मौसम के साथ हो सकती है. मौसम ने लोगों को थोड़ी राहत दी है लेकिन किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें
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