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करनाल। सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन की रफ्तार तेज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सर्जिकल सप्ताह शुरू किया है। अभियान के तहत अस्पतालों में 24 घंटे सर्जरी की जानी है। पहले दिन शाम तक 45 सर्जरी हुई। इनमें 14 बड़े और 31 छोटे ऑपरेशन शामिल हैं। वहीं विभाग की ओर से शुक्रवार के लिए भी 50 से ज्यादा ऑपरेशन के शेड्यूल किए गए हैं।
अभियान 11 फरवरी तक चलेगा। पहले ही दिन दो सरकारी अस्पतालों में 12 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सेवाएं दी हैं। सर्जरी वीक के पहले ही दिन सरकारी अस्पतालों में व्यापक स्तर पर ऑपरेशन किए गए। इनमें नेत्र रोग, ऑर्थोपेडिक, ईएनटी, जनरल सर्जरी और सिजेरियन सहित लगभग सभी तरह की सर्जरी कर मरीजों को राहत दी गई। साथ में ट्राॅमा में आने वाले इमरजेंसी केस भी तत्काल भाव से ऑपरेट किए जा रहे हैं। मरीजों को प्राथमिकता सूची के आधार पर ऑपरेशन थिएटर में लिया गया। आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में लंबे समय से कई तरह की सर्जरी बंद होने के बाद जिले के सरकारी अस्पतालों की ओर मरीज रुख कर रहे हैं। वहीं, सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था बाधित न हो इसके लिए विभाग ने वीरवार से 24 घंटे सर्जरी वीक शुरू किया। सरकारी में मरीजों पर दबाव और ऑपरेशन की वेटिंग लिस्ट न बढ़े इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह फैसला लिया है।
रातभर चलेंगी इमरजेंसी सर्जरी
सिर्फ निर्धारित सर्जरी ही नहीं, बल्कि ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी सेवाओं को भी पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। सड़क दुर्घटना, गंभीर चोट, प्रसव संबंधी जटिलताओं या अन्य आपात हालात में आने वाले मरीजों के लिए रात भर इमरजेंसी सर्जरी जारी रहेंगी, ताकि किसी भी मरीज को उपचार के लिए भटकना न पड़े। सर्जरी वीक को सफल बनाने के लिए सभी सर्जन की ड्यूटी लगाई गई हैं। खासकर विशेषज्ञों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की विशेष शिफ्ट-वार ड्यूटी लगाई गई है। ऑपरेशन थिएटर को पूरी क्षमता से चालू किया गया है, जिससे अधिकतम संख्या में सर्जरी संभव हो सके। इसके साथ ही रात में इमरजेंसी केस के लिए डॉक्टर ऑन कॉल ड्यूटी लगाई गई है।
निजी अस्पतालों में ये ऑपरेशन बंद
जिले के आयुष्मान पैनल्ड निजी अस्पतालों में कई महीनों से मोतियाबिंद की आधुनिक सर्जरी, x निष्कासन, गंभीर फेफड़े की बीमारी, उल्टी दस्त व पेट संंबंधी समस्या, पित्ताशय निकालने की सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण, कान के पर्दे की मरम्मत, हर्निया, अपेंडिक्स, एडेनॉयड, अगचर्म, अंडकोष में पानी के इलाज, बवासीर और टॉन्सिल के ऑपरेशन बंद हैं।
सर्जरी वीक के तहत पहले दिन कई सर्जरी की गईं जिसमें नेत्र, ईएनटी, ऑर्थो और सभी तरह के इमरजेंसी केस रहे। रात के लिए शेड्यूल्ड सर्जरी नहीं हैं लेकिन इमरजेंसी के लिए ओपन है। ऑन कॉल डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई हैं। किसी भी प्रकार की अगर रात को हड्डी से लेकर गाइनी के ऑपरेशन तक कोई मरीज आएगा तो उन्हें तत्काल रूप से देखा जाएगा। – पूनम चौधरी, सीएमओ
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24 घंटे सर्जरी : पहले दिन 45 हुईं, आज 50 से ज्यादा ऑपरेशन का लक्ष्य



