1712 करोड़ का मेगा बजट पास: 610 करोड़ विकास को, 1102 करोड़ वेतन में जाएंगे Chandigarh News Updates

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चंडीगढ़। नगर निगम ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1712 करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया है। मंगलवार को पेश किए गए बजट में 610 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च करने का प्रावधान किया गया है जबकि 1102 करोड़ रुपये वेतन, पेंशन और अन्य राजस्व मद में खर्च होंगे। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने दावा किया कि अब तक किसी भी वर्ष विकास मद में 150 करोड़ रुपये से अधिक खर्च नहीं हुए लेकिन इस बार 600 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि निगम के पास फिलहाल करीब 300 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं और शेष राशि विभिन्न मदों से प्राप्त होने के बाद विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी।

इस बजट में सड़कों, सीवर, जल आपूर्ति और वर्षा जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। सड़कों और पार्किंग स्थलों के सुधार पर खर्च 44.10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 140 करोड़ रुपये कर दिया गया है जो करीब 217 प्रतिशत वृद्धि है। जल आपूर्ति प्रणाली के विस्तार के लिए 3.50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 61.75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं मोटर वाहन, मशीनरी और उपकरणों की खरीद के लिए 1.25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 54.20 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

बरसात के दौरान जलभराव से निपटने के लिए वर्षा जल निकासी पर 11 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीवरेज प्रणाली के लिए 41 करोड़ रुपये और गैर-आवासीय भवनों के लिए 36.95 करोड़ रुपये रखे गए हैं। ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 32.50 करोड़ रुपये और स्वच्छता व संबद्ध सेवाओं के लिए 21.18 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। गोशालाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। बीते समय में गायों की मौत की घटनाओं के बाद इस मद में बजट 7.26 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 27.61 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो लगभग चार गुना वृद्धि है।

एआई आधारित, आत्मनिर्भर बजट

मेयर सौरभ जोशी ने बजट पेश करते हुए इसे वर्ष 2047 के विजन से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर नगर निगम की दिशा में कदम बताया। उन्होंने डिजिटल और एआई आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके तहत एआई आधारित सिंगल विंडो सिस्टम, डिजिटल फाइल ट्रैकिंग, ऑनलाइन बिलिंग और स्मार्ट शिकायत निवारण प्रणाली लागू की जाएगी। स्वच्छता के क्षेत्र में जीरो वेस्ट चंडीगढ़ का लक्ष्य रखते हुए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 32.2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वेस्ट-टू-एनर्जी मॉडल को आगे बढ़ाया जाएगा।

राजस्व बढ़ाने के लिए ओटीएस योजना लाई जाएगी

राजस्व बढ़ाने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स में वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लाई जाएगी। क्लब, कम्युनिटी सेंटर और मल्टी लेवल पार्किंग को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। पार्षदों की वार्ड विकास निधि 80 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है। पिछले वर्ष के 20 लाख रुपये मिलाकर प्रत्येक पार्षद को इस बार करीब 1.20 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए उपलब्ध होंगे। केंद्र से मिली 215 करोड़ रुपये की ग्रामीण ग्रांट का लाभ भी सभी क्षेत्रों को देने की बात कही गई है।

सड़कों व पार्किंग सुधार के लिए 135 करोड़ का प्रावधान

विकास मद में 610 करोड़ रुपये के प्रावधान में सड़कों व पार्किंग सुधार पर 135 करोड़, जल आपूर्ति पर 55 करोड़, मोटर वाहन व उपकरण पर 54.20 करोड़, वर्षा जल निकासी पर 47 करोड़, सीवरेज पर 41 करोड़, वार्ड विकास निधि पर 37.80 करोड़, सिविल कार्यों पर 28.66 करोड़, 2018 के बाद शामिल क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे पर 25 करोड़ और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 14.53 करोड़ रुपये शामिल हैं। नगर निगम का दावा है कि यह बजट शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ डिजिटल, स्वच्छ और आत्मनिर्भर प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

नगर निगम यहां से 461 करोड़ रुपये एकत्र करेगा

मद राशि करोड़ रुपये में

वाटर चार्ज – 16.80

कॉमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स – 65.00 करोड़

रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी टैक्स – 35.00 करोड़

. पार्किंग फीस – 30 करोड़

गारबेज कलेक्शन चार्ज – 30 करोड़

म्युनिसिपल टैक्स ऑन इलेक्ट्रिसिटी बिल – 20 करोड़

रोड रिसीप्ट्स – 17.90 करोड़

एस्टेट रिसीप्ट्स – 15 करोड़

प्रचार – 2 0 करोड़

सामुदायिक केंद्र – 6 करोड़

मिसलेनियस रिसीप्ट – 8.94 करोड़

पेट्रोल पंप – 3.50 करोड़

रिसीप्ट फ्रॉम एनफोर्समेंट विंग – 4 करोड़

फायर – 2 करोड़

रेंट फ्रॉम स्कूटर कार बाजार – 2 करोड़

सब ऑफिस मनिमाजरा रिसीप्ट्स – 1.86 करोड़

रिसीप्ट फ्रॉम सीडी वेस्ट प्लांट – 1.80 करोड़

. रिसीप्ट फ्रॉम वाटर मेलन कॉन्ट्रैक्ट – 1.80 करोड़

हॉर्टिकल्चर – 1.50 करोड़

. रेंट फ्रॉम टैक्सी स्टैंड्स – 1.38 करोड़

. रेंट फ्रॉम कॉलोनियां – 1.20 करोड़

रिसीप्ट्स फ्रॉम सोलर प्लांट्स – 1.00 करोड़

सैनिटेशन – 0.90 करोड़

वेस्ट प्रोसेसिंग फीस बल्क वेस्ट जनरेटर्स – 0.75 करोड़

स्लॉटरिंग फीस – 0.60 करोड़

रिसीप्ट फ्रॉम केबल ऑपरेटर्स – 0.44 करोड़

. कैटल पाउंड रिसीप्ट्स – 0.30 करोड़

स्टैंडबाय ड्यूटी चार्ज फायर – 0.20 करोड़

बर्थ एंड डेथ – 0.15 करोड़

रिसीप्ट फ्रॉम लाइसेंसिंग ब्रांच – 0.12 करोड़

सेल प्रोसीड्स ऑफ वेस्ट मैटेरियल – 0.10 करोड़

ग्राउंड वाटर एब्सट्रैक्शन रेस्टोरेशन चार्ज – 0.05 करोड़

मेंबरशिप फीस ऑफ कम्युनिटी सेंटर्स – 0.01 करोड़

वेंडर फीस डेडिकेटेड फंड्स – 10.00 करोड़

गाय फीस – 9.50 करोड़

कुल अनुमानित आय 2026–27

यहां विकास में खर्च 610 करोड़ रुपये

सड़कों और पार्किंग स्थलों का सुधार – 135.00 करोड़

शहर की जल आपूर्ति प्रणाली का विस्तार – 55 करोड़

मोटर वाहन, मशीनरी और उपकरण – 54.20 करोड़

वर्षा जल निकासी – 47 करोड़

सीवरेज प्रणाली – 41 करोड़

गैर आवासीय भवन – 36.95 करोड़

ठोस कचरा प्रबंधन – 32.50 करोड़

वार्ड विकास निधि – 37.80 करोड़

सिविल कार्य – 28.66 करोड़

स्वच्छता और संबद्ध सेवाएं – 21.18 करोड़

साल 2018 के बाद शामिल क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा – 25 करोड़

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बुनियादी सुविधाएं – 14.53 करोड़

सौंदर्यीकरण और हरित विकास – 13.00 करोड़

आवासीय भवन – 10.32 करोड़

विद्युतीकरण – 8.00 करोड़

. सूचना, कंप्यूटर और दूरसंचार उपकरण – 16.00 करोड़

औषधालय निर्माण – 2.00 करोड़

अन्य पूंजीगत व्यय – 1.85 करोड़

फर्नीचर और साज सज्जा – 1.52 करोड़

खाली जमीन और संपत्तियों का विकास – 1.00 करोड़

लघु सिंचाई – 1.00 करोड़

पेट्रोल पंपों पर बुनियादी ढांचा – 0.50 करोड़

गौशालाओं का विकास – 27 करोड़

वेंडर स्थल का विकास – 5.40 करोड़

2026-27 में 461 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

नगर निगम वर्ष 2026-27 में विभिन्न स्रोतों से 461 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रख रहा है। इसमें वाटर चार्ज से 16.80 करोड़, कॉमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स से 65 करोड़, रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी टैक्स से 35 करोड़, पार्किंग फीस से 30 करोड़, गारबेज कलेक्शन चार्ज से 30 करोड़ और बिजली बिल पर म्युनिसिपल टैक्स से 20 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। रोड रिसीप्ट्स से 17.90 करोड़, एस्टेट रिसीप्ट्स से 15 करोड़, प्रचार से 20 करोड़, सामुदायिक केंद्रों से 6 करोड़ और विविध मद से 8.94 करोड़ रुपये आय का अनुमान है। इसके अलावा पेट्रोल पंप से 3.50 करोड़, एनफोर्समेंट विंग से 4 करोड़, फायर से 2 करोड़, स्कूटर-कार बाजार किराया से 2 करोड़, मनीमाजरा सब ऑफिस से 1.86 करोड़, सीडी वेस्ट प्लांट से 1.80 करोड़, वाटर मेलन कॉन्ट्रैक्ट से 1.80 करोड़, हॉर्टिकल्चर से 1.50 करोड़, टैक्सी स्टैंड किराया से 1.38 करोड़, कॉलोनियों से 1.20 करोड़, सोलर प्लांट से 1 करोड़, सैनिटेशन से 0.90 करोड़ और वेंडर फीस से 10 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है।

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