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110 दिन में किशोरों में केवल 29 प्रतिशत टीकाकरण , अब सीएमओ सरकारी स्कूलों में प्रार्थना के समय विद्यार्थियों और अभिभावकों को क


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हिसार। कोरोना महामारी के बीच किशोरों का टीकाकरण धीमी गति से चल रहा है। अभियान के 122 दिन बाद भी बच्चे और अभिभावक कोरोनारोधी टीकाकरण में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। 16 मार्च से शुरू हुए 12 से 14 आयुवर्ग के किशोरों के टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 29 प्रतिशत ही किशोरों ने पहली डोज लगवाई है। जब कि 8 प्रतिशत किशोरों ने दूसरी डोज लगवाई है। धीमी गति से रहे टीकाकरण को बढ़ाने के लिए सीएमओ डॉ. रत्ना भारती की तरफ से सरकारी स्कूलों में प्रार्थना समय में अभिभावकों और विद्यार्थियों को टीकाकरण के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों की लिस्ट बनाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में 53 हजार 480 किशोरों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्कूलों में अध्यापकों के माध्यम से विद्यार्थियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा चुका है। इस बारे में अभिभावकों को भी जागरूक कर रहे हैं। जागरूकता के बाद भी किशोर टीकाकरण केंद्रों तक नहीं पहुंच रहे हैं। यहीं कारण है टीकाकरण की रफ्तार धीमी पड़ रही है।
एक वायल में लगते हैं 20 टीके
जानकारी अनुसार 12 से 14 साल तक किशोरों को कार्बेवैक्स वैक्सीन लगाई जा रही है। इस वैक्सीन की एक वायल से 20 किशोरों को टीका लगाता है। एक बार वायल खोलने के बाद चार घंटे के अंतराल के दौरान टीके नहीं लगाए गए तो दवा खराब हो जाएगी। यह समस्या भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के सामने आ रही है। एक बार बीस विद्यार्थी न होने पर वायल को खोला नहीं जा रहा है।
किशोरों में टीकाकरण को लेकर सरकारी स्कूलों में जाकर प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। प्रार्थना सभा के समय विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी बुलाया जाएगा। उन्हें अपने अपने किशोरों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा। – डॉ. रत्ना भारती, सीएमओ, नागरिक अस्पताल
टीकाकरण का ब्योरा
आयुवर्ग लक्ष्य पहली डोज दूसरी डोज
12 से 14 53480 15355 (29 प्रतिशत) 4502 (8 प्रतिशत)
15 से 17 85000 57890 (68 प्रतिशत) 30482 (36 प्रतिशत)
18 से 44 833305 801266 (96 प्रतिशत) 596141 (72 प्रतिशत)
45 से 60 273643 263793 (96 प्रतिशत) 214226 (78 प्रतिशत)
60 से अधिक 188442 171516 (91 प्रतिशत) 138535 (74 प्रतिशत)

हिसार। कोरोना महामारी के बीच किशोरों का टीकाकरण धीमी गति से चल रहा है। अभियान के 122 दिन बाद भी बच्चे और अभिभावक कोरोनारोधी टीकाकरण में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। 16 मार्च से शुरू हुए 12 से 14 आयुवर्ग के किशोरों के टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 29 प्रतिशत ही किशोरों ने पहली डोज लगवाई है। जब कि 8 प्रतिशत किशोरों ने दूसरी डोज लगवाई है। धीमी गति से रहे टीकाकरण को बढ़ाने के लिए सीएमओ डॉ. रत्ना भारती की तरफ से सरकारी स्कूलों में प्रार्थना समय में अभिभावकों और विद्यार्थियों को टीकाकरण के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों की लिस्ट बनाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में 53 हजार 480 किशोरों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा है।

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्कूलों में अध्यापकों के माध्यम से विद्यार्थियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा चुका है। इस बारे में अभिभावकों को भी जागरूक कर रहे हैं। जागरूकता के बाद भी किशोर टीकाकरण केंद्रों तक नहीं पहुंच रहे हैं। यहीं कारण है टीकाकरण की रफ्तार धीमी पड़ रही है।

एक वायल में लगते हैं 20 टीके

जानकारी अनुसार 12 से 14 साल तक किशोरों को कार्बेवैक्स वैक्सीन लगाई जा रही है। इस वैक्सीन की एक वायल से 20 किशोरों को टीका लगाता है। एक बार वायल खोलने के बाद चार घंटे के अंतराल के दौरान टीके नहीं लगाए गए तो दवा खराब हो जाएगी। यह समस्या भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के सामने आ रही है। एक बार बीस विद्यार्थी न होने पर वायल को खोला नहीं जा रहा है।

किशोरों में टीकाकरण को लेकर सरकारी स्कूलों में जाकर प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। प्रार्थना सभा के समय विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी बुलाया जाएगा। उन्हें अपने अपने किशोरों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा। – डॉ. रत्ना भारती, सीएमओ, नागरिक अस्पताल

टीकाकरण का ब्योरा

आयुवर्ग लक्ष्य पहली डोज दूसरी डोज

12 से 14 53480 15355 (29 प्रतिशत) 4502 (8 प्रतिशत)

15 से 17 85000 57890 (68 प्रतिशत) 30482 (36 प्रतिशत)

18 से 44 833305 801266 (96 प्रतिशत) 596141 (72 प्रतिशत)

45 से 60 273643 263793 (96 प्रतिशत) 214226 (78 प्रतिशत)

60 से अधिक 188442 171516 (91 प्रतिशत) 138535 (74 प्रतिशत)

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