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10वीं में फेल हुआ तो लॉरेंस गैंग का बदमाश बताकर दी थी धमकी


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गुरुग्राम। पांच दिन पहले फर्रुखनगर थाना क्षेत्र के गुरु द्रोणाचार्य स्कूल भांगरौला के संचालक के मोबाइल फोन पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बता कर धमकाने वाले को सीआईए 31 की टीम ने गिरफ्तार किया है। छानबीन के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि तीन साल पहले आरोपी उसी स्कूल में दसवीं का छात्र था। प्रबंधन के लोगों का व्यवहार उसके साथ ठीक नहीं था, जिसके बाद संचालक को सबक सिखाने के लिए वारदात को अंजाम दिया था।
एसीपी क्राइम प्रीतपाल ने बताया कि आरोपी को गांव बांस कुसला, गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पहचान पिंकू उर्फ गोलू (20) के रूप में हुई है। आरोपी से पुलिस पूछताछ में पता चला कि वर्ष-2019 में यह शिकायतकर्ता के स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ता था और फेल हो गया था। पुलिस के अनुसार इसके बाद उसने दोबारा स्कूल में दाखिला लेना चाहा, मगर प्रबंधन ने उसे दाखिला नहीं दिया। उसने काफी गुहार लगाई, लेकिन उसकी बात प्रबंधन ने नहीं सुनी थी। इस बात से वह नाखुश था और संचालक से रंजिश रखने लगा। दसवीं कक्षा में फेल होने के कारण यह आगे नहीं पढ़ पाया तो उसने स्कूल के प्रिंसिपल/संचालक को धमकी देने की योजना बनाई। योजनानुसार इसने अपने मोबाइल फोन का नम्बर छुपाने के लिए उसने वर्चुअल नंबर से संचालक को अपहरण करके मारने की धमकी दी। आरोपी ने यह भी बताया कि लॉरेंस बिश्नोई से उसका कोई संबंध नहीं है। वह सिर्फ स्कूल संचालक को सबक सिखाना चाहता था।

गुरुग्राम। पांच दिन पहले फर्रुखनगर थाना क्षेत्र के गुरु द्रोणाचार्य स्कूल भांगरौला के संचालक के मोबाइल फोन पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बता कर धमकाने वाले को सीआईए 31 की टीम ने गिरफ्तार किया है। छानबीन के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि तीन साल पहले आरोपी उसी स्कूल में दसवीं का छात्र था। प्रबंधन के लोगों का व्यवहार उसके साथ ठीक नहीं था, जिसके बाद संचालक को सबक सिखाने के लिए वारदात को अंजाम दिया था।

एसीपी क्राइम प्रीतपाल ने बताया कि आरोपी को गांव बांस कुसला, गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पहचान पिंकू उर्फ गोलू (20) के रूप में हुई है। आरोपी से पुलिस पूछताछ में पता चला कि वर्ष-2019 में यह शिकायतकर्ता के स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ता था और फेल हो गया था। पुलिस के अनुसार इसके बाद उसने दोबारा स्कूल में दाखिला लेना चाहा, मगर प्रबंधन ने उसे दाखिला नहीं दिया। उसने काफी गुहार लगाई, लेकिन उसकी बात प्रबंधन ने नहीं सुनी थी। इस बात से वह नाखुश था और संचालक से रंजिश रखने लगा। दसवीं कक्षा में फेल होने के कारण यह आगे नहीं पढ़ पाया तो उसने स्कूल के प्रिंसिपल/संचालक को धमकी देने की योजना बनाई। योजनानुसार इसने अपने मोबाइल फोन का नम्बर छुपाने के लिए उसने वर्चुअल नंबर से संचालक को अपहरण करके मारने की धमकी दी। आरोपी ने यह भी बताया कि लॉरेंस बिश्नोई से उसका कोई संबंध नहीं है। वह सिर्फ स्कूल संचालक को सबक सिखाना चाहता था।

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