हिसार: वकीलों ने लिया जातिवाद और सांप्रदायिकता खत्म करने का संकल्प, अधिवक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर साधा निशाना Latest Haryana News

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जिला बार एसोसिएशन हिसार के कॉन्फ़्रेंस हॉल में सोमवार को कांग्रेस विधि विभाग, इनेलो विधि प्रकोष्ठ और अखिल भारतीय अधिवक्ता संघ के संयुक्त तत्वावधान में प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की गई।प्रेस कॉन्फ़्रेंस को एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल,एडवोकेट प्रदीप बाजिया ,एडवोकेट अर्जुन राणा और एडवोकेट सोमदत शर्मा ने संबोधित किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने देश के समकालीन संवैधानिक, सामाजिक और न्यायिक हालात पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि लद्दाख में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी, भारत के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की घटना और आईपीएस वाई. पूरन सिंह की जातिगत प्रताड़ना से आत्महत्या ये तीनों घटनाएँ इस बात का प्रतीक हैं कि भारत में लोकतंत्र और संविधान के मूल मूल्य गहरे संकट में हैं।

प्रेस कॉन्फ़्रेंस में वकीलों के समूह ने कहा कि आज देश और प्रदेश में वर्ण व्यवस्था, जातिवाद, भेदभाव और सामाजिक शोषण का ज़हर प्रशासनिक ढांचे और न्याय प्रणाली तक घुस चुका है। उन्होंने कहा कि जब एक आईपीएस अधिकारी भी जातिगत अपमान और प्रताड़ना से मुक्त नहीं तो आम व्यक्ति की स्थिति समझी जा सकती है।अधिवक्ताओं ने केंद्र और हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान की आत्मा “समानता, न्याय और स्वतंत्रता” को योजनाबद्ध ढंग से कमजोर किया जा रहा है।सरकारें समाज में नफरत और सांप्रदायिकता फैलाने वाली ताकतों को बढ़ावा दे रही हैं जबकि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों का भारत समता, बंधुता और भाईचारे के मूल्यों पर टिका था।

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हिसार: वकीलों ने लिया जातिवाद और सांप्रदायिकता खत्म करने का संकल्प, अधिवक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर साधा निशाना