[ad_1]
फतेहाबाद. हरियाणा के फतेहाबाद में बेटे की चाह में एक महिला ने 11 बार गर्भधारण किया. 11वीं डिलीवरी में महिलाओं को बेटा हुआ और इससे पहले उसकी 10 बेटियां हैं. परिवार ने इस खुशी में गांव में लड्डू बांटे. महिला ने 4 जनवरी को जींद के उचाना में एक निजी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया.
जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद के भूना के गांव ढाणी भोजराज के रहने वाले संजय की अब तक 10 बेटियां हैं. वह बेटा चाहते थे और ऐसे में 11वीं बच्चे के रूप में उन्हें बेटा पैदा हुआ. बेटे के जन्म पर परिवार इतना खुश हुआ कि उसका नाम भी दिलखुश रखा है. हालांकि, इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया में बड़ी बहस छिड़ गई है. पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अलग अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. बहुत से लोगों ने इस मामले पर पुरुष प्रधान सामाजिक व्यवस्था से जोड़ते हुए नाराजगी भी जताई.
दरअसल, एक्स पर डॉक्टर रंजन नाम के यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि सरकार को सभी 11 बच्चों को इनसे ले लेना चाहिए, क्योंकि ये इन्हें पालन के लिए फिट नहीं है. इस पर काफी बहस देखने को मिली. एक यूजर ने लिखा कि अगर लोगों का पहला बेटा होता है तो वे वहीं रुक जाते हैं. लेकिन अगर बेटी होती तो वे तभी रुकते हैं, जब तक बेटा नहीं होगा. एक अन्य यूजर ने लिखा कि. चाहे बच्चों को पालने के पैसे नहीं हो, लेकिन लड़कों को बेटा ही चाहिए. इसी तरह एक युवक ने लिखा कि हमने चीन को हरा दिया है और हम दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन गए हैं.
वहीं एक युवती ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा कि ईमारदारी से कहूं तो भारतीय माता पिता अब भी भ्रूण हत्या को अंजाम देते हैं. मुझे इस महिला के प्रति दया आ रही है, जिसका अपने बॉडी पर भी अधिकार नहीं है और फिर भी उन्होंने 10 बेटियों को मारा नहीं और पाल रही है. क्योंकि 11 बच्चों को पालना एक बड़ी बात है. अन्य युवती ने एक लाइन के कमेंट में लिखा, क्रेज ऑफ मेल चाइल्ड. वहीं एक शख्स ने तंज कसते हुए कमेंट किया कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती औऱ जो लड़का लड़की में फर्क समझे, उनकी सोच कभी साफ नहीं होती. उधऱ, एक यूजर ने लिखा कि भाई साहब ने पूरे हरियाणा की गर्ल्स चाइल्ड रेशो सुधार दी. हालांकि, कुछ यूजर्स ने इस मामले को हिंदू मुस्लिम से भी जोड़ा और लिखा कि हिंदू को भी ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए.
संजय और सुनीता की सबसे बड़ी बेटी का नाम सरीना है.
महिला में खून था कम
गौरतलब है कि सुनीता नाम की महिला की 19 साल 24 जुलाई 2007 में संजय से शादी हुई थी. संजय दिहाड़ी मजदूरी करते हैं औऱ परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं. जींद के उचाना में वह अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए ले गए थे. डिलीवरी में रिस्क था क्योंकि महिला में खून महज पांच ग्राम था.
सभी बेटियों के नाम क्या क्या हैं
संजय और सुनीता की सबसे बड़ी बेटी का नाम सरीना है, जो कि 17 साल की है औऱ 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है. इसके बाद 16 साल की अमृता 11वीं में पढ़ती है. इसी तरहस, 14 साल की सुशीला सातवीं, 12 साल की किरण छठी और पांचवीं क्लास में पढ़ने वाली बेटी का नाम दिव्या है, जो कि 10 साल की है.

संजय और सुनीता की सबसे बड़ी बेटी का नाम सरीना है,
इसके अलावा, संजन की मन्नत, कृतिका, अवनिश, लक्ष्मी और वैशाली नाम की बेटियां हैं. अब बेटा हुआ है, जिसका नाम दिलखुश रखा है. गौरतलब है कि सुनीता ने अपनी शादी के 19 सालों में करीब आठ साल गर्भवास्था में ही गुजारे हैं. अहम बात है कि मंगलवार को बेटे को जच्चा बच्चा को घर ले जाने के बाद गांव में डीजे बजाया गया.
[ad_2]




