हर मानव बन सकता हैं तीर्थकर : विनिश्चय Latest Haryana News

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संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल

Updated Thu, 19 Feb 2026 01:50 AM IST


श्री रामलीला भवन में श्री दिगम्बर जैन सोसाइटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मंचन करते सदस्य। स्



करनाल। रामलीला भवन में श्री दिगंबर जैन सोसाइटी की ओर से आयोजित पंच कल्याणक कार्यक्रम में प्रवचन करते हुए आचार्य 108 श्री विनिश्चय सागर ने कहा कि परिग्रह से समूल विरक्ति ही दीक्षा हैं। दीक्षा का मतलब किसी भी तरह की आसक्ति का त्याग होता हैं। उन्होंने कहा कि हर मानव तीर्थकर बन सकता हैं। उन्होंने भगवान पाश्र्वनाथ के वैराग्य से लेकर दिगंबर साधु की दीक्षा और कश लौंच जैसे संस्कार पूरे किए। इस अवसर पर 16 लोगों ने त्याग की दीक्षा ली। मेयर रेनू बाला गुप्ता ने आचार्य को नारियल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य 108 श्री विनिश्चय सागर संघ पधारने पर पाद-प्रक्षालन का सौभाग्य सुशील जैन, निशा जैन, संजय जैन, वीना जैन और शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य रेनू जैन को प्राप्त हुआ। संवाद

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हर मानव बन सकता हैं तीर्थकर : विनिश्चय