हरियाणा में गर्मी का कहर, डॉक्टरों ने दी हीट स्ट्रोक से बचाव की सलाह Haryana News & Updates

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अंबाला: हरियाणा में इन दिनों मार्च महीने में ही लगातार बढ़ते तापमान का असर देखने को मिल रहा है. बढ़ती गर्मी ने आमजन का जीवन काफी हद तक अस्त-व्यस्त कर दिया है. दरअसल, सुबह के समय कुछ इलाकों में हल्की धुंध दिखाई देती है, वहीं दोपहर के समय तापमान लगातार बढ़ता रहता है. इससे बच्चे और बुजुर्ग समेत सभी लोगों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.

9 जिलों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा

बताया जा रहा है कि IMD चंडीगढ़ के अनुसार हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में मंगलवार को सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया, जहां पारा 37.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. वहीं करीब 9 जिलों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा. विशेषज्ञों के मुताबिक पहले मार्च के महीने में हल्की गर्मी रहती थी, लेकिन इस बार तापमान अचानक बढ़ गया है, जो बच्चों और बुजुर्गों की सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. अगर मौसम का यही रुख बना रहा तो आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है.

हीट वेव को लेकर जारी हुई एडवाइजरी

इस बारे में लोकल 18 से बातचीत करते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल की आरएमओ डॉ. अदिति गौतम ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) की ओर से सभी राज्यों को हीट वेव को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है. इसमें लोगों को गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी काम से बाहर जाता है तो वह अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखे और समय-समय पर पानी पीता रहे. इसके अलावा दोपहर के समय धूप में निकलते समय छाता और सनग्लास का उपयोग करें तथा त्वचा पर सनस्क्रीन लगाएं. उन्होंने सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें.

हीट स्ट्रोक के लक्षण

डॉ. अदिति गौतम ने बताया कि गर्मी से प्रभावित व्यक्ति में कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे त्वचा पर तेज जलन या इरिटेशन, अत्यधिक उल्टियां होना आदि. यदि शरीर का तापमान 104 डिग्री या उससे अधिक हो जाए तो यह हीट स्ट्रोक का संकेत हो सकता है. ऐसे में तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

उन्होंने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है. नागरिक अस्पताल में वेटिंग एरिया को पूरी तरह कवर कर दिया गया है और वहां वाटर कूलर तथा पंखों की व्यवस्था की गई है, ताकि तापमान सामान्य रखा जा सके.

इसके अलावा नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की पहली मंजिल पर हीट स्ट्रोक रूम बनाया गया है, जहां गर्मी से प्रभावित मरीजों का इलाज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर लोग इमरजेंसी में आकर निःशुल्क जांच और इलाज करवा सकते हैं.

इन चीजों का करें सेवन

गर्मी से बचाव के लिए समय-समय पर पानी पीना बहुत जरूरी है. इसके साथ ही नारियल पानी, नींबू पानी और अन्य ताजे जूस का सेवन करना चाहिए. उन्होंने बताया कि सभी नागरिक अस्पतालों में गर्मी को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और हीट वेव से बचाव के लिए लोगों को मुफ्त में ORS भी वितरित किया जा रहा है, जिसका सेवन करके लोग खुद को डिहाइड्रेशन और गर्मी से बचा सकते हैं.

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