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हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा जारी अंग्रेजी लेक्चरर की भर्ती पर सवाल उठ रहे हैं। परिणाम में 613 की बजाय महज 151 लेक्चरर को ही भर्ती किए जाने पर आक्रोश बढ़ गया है। फेल हुए अभ्यार्थियों में यूनिवर्सिटी के गोल्ड मेडलिस्ट भी शामिल हैं। हाल ही में हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन ने कॉलेज कैडर के अंग्रेजी लेक्चरर की भर्ती का रिजल्ट जारी किया है। हैरानी की बात ये है कि ये भर्ती 613 लेक्चरर की होनी थी पर रिजल्ट में महज 151 लेक्चरर को नियुक्ति दी गई है। बाकी सभी अभ्यर्थियों को फेल दिखाया गया है। यानी वो 35 फीसदी नंबर भी नहीं ले पाए।
इस भर्ती में फेल किए गए अभ्यर्थियों ने पहले पंचकूला में प्रदर्शन किया। कोई सुनवाई नहीं हुई तो अब जिला स्तर पर धरना व प्रदर्शन किए जा रहे हैं। भिवानी लघु सचिवालय के बाहर फेल हुए अभ्यर्थियों ने सरकार व एचपीएससी के खिलाफ जमकर नाराजगी दिखाई और रिजल्ट की कॉपी जलाई।
फेल किए गए अभ्यार्थियों ने एचपीएससी की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चेयरमैन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चेयरमैन कहते हैं कि हरियाणा की कोई यूनिवर्सिटी सही से नहीं पढ़ाती। साथ ही कहा कि ये सब हरियाणा की बजाय बाहर के बच्चों को भर्ती करने की मंशा जता रहे हैं। अन्होंने कहा कि सरकार हरियाणा के बच्चों को सिर्फ सी व डी ग्रुप की ही नौकरी दे रही है और बड़ी नौकरियां में बाहर के युवाओं का चयन किया जा रहा है।
वहीं, एमडीयू की गोल्ड मेडलिस्ट विधि व सीबीएलयू की गोल्ड मेडलिस्ट कोमल ने कहा कि हमारी यूनिवर्सिटी ने हमें गोल्ड मेडल दिया पर एचपीएससी ने फेल कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता से भर्ती की बात करती है उसे लागू करके दिखाए। उन्होंने कहा कि एचपीएससी के चेयरमैन हरियाणा के शिक्षा सिस्टम को ही फेल बता रहे हैं। ऐसे में हमारे पेपरों की रि-चेकिंग की जाए या हमारी यूनिवर्सिटियों को बंद कर देना चाहिए।
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हरियाणा में अंग्रेजी लेक्चरर की भर्ती पर सवाल: 613 पदों पर निकली थी भर्ती, महज 151 अभ्यर्थी हुए पास


