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हरियाणा के पलवर जिले के छायंसा गांव पलवल में 15 दिन में 12 लोगों की मौत हो गई है. इसमें पांच स्कूली बच्चे भी शामिल हैं. गांव में हेपेटाइटिस-बी, लिवर इंफेक्शन, जलजनित संक्रमण फैलने की आशंका है. पानी की सप्लाई गांव में नहीं है लेकिन टैंकरों से पानी सप्लाई होता है. 600 से अधिक लोगों की जांच अब तक की जा चुकी है.
. हरियाणा के पलवल जिले के गांव छायंसा में पिछले 15 दिनों के भीतर 12 लोगों की मौत.
पलवल. हरियाणा के पलवल जिले के गांव छायंसा में पिछले 15 दिनों के भीतर 12 लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. मृतकों में पांच स्कूली बच्चे भी शामिल हैं. लगातार हो रही मौतों और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से गांव में भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है.
ग्रामीणों के मुताबिक, जनवरी के आखिरी सप्ताह में कुछ लोगों को अचानक बुखार, पेट दर्द, उल्टी, खांसी और बदन दर्द की शिकायत हुई. शुरुआत में इसे सामान्य मौसमी बीमारी समझा गया. लेकिन एक के बाद एक मरीजों की हालत बिगड़ती गई और मौतें होने लगीं. इसके बाद पूरे गांव में चिंता फैल गई.
गांव के लोगों का कहना है कि अब हालात ऐसे हैं कि लगभग हर घर में कोई न कोई बीमार है. कई मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है. परिजन लगातार सरकारी और निजी अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा.
मृतकों में बच्चे, बुजुर्ग और युवा शामिल
पिछले 15 दिनों में जिन 12 लोगों की मौत हुई, उनमें छोटे बच्चे, किशोरियां, बुजुर्ग और युवा भी शामिल हैं. इससे यह आशंका और गहरा गई है कि बीमारी किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है.स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाईमामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में डेरा डाले हुए हैं.करीब 300 ब्लड सैंपल लिए जा चुके हैं.600 से अधिक ग्रामीणों की स्क्रीनिंग की गई है.कुछ मामलों में हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी संक्रमण की पुष्टि हुई है.कुछ मौतों के पीछे लिवर इंफेक्शन और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर की बात सामने आई है.हालांकि, सभी मौतों की एक समान वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है.
जांच के दौरान गांव के पीने के पानी के 107 सैंपल लिए गए, जिनमें से 23 सैंपल फेल पाए गए हैं. रिपोर्ट में बैक्टीरिया की मौजूदगी और क्लोरीन की कमी सामने आई है. गांव में कई परिवार पानी जमीन के नीचे बने कुंडों में स्टोर करते हैं या टैंकर से पानी मंगवाते हैं. इससे जलजनित संक्रमण की आशंका जताई जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, चार मृतकों में हेपेटाइटिस-बी की पुष्टि हुई है.
अंधविश्वास भी फैल रहा लगातार
मौतों से डरे ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं. कुछ लोग इसे “रहस्यमयी बीमारी” मान रहे हैं, तो कुछ झाड़-फूंक और देसी उपचार का सहारा ले रहे हैं. हालांकि स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि अफवाहों से बचें और लक्षण दिखने पर तुरंत मेडिकल जांच कराएं. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. जिन परिवारों में मौत हुई है, वहां विशेष निगरानी और जांच की जा रही है. संक्रमित पाए गए मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है.करीब 5 हजार की आबादी वाले छायंसा गांव में फिलहाल भय और बेचैनी का माहौल है.
About the Author

Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
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