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हरियाणा के 4 सरकारी अस्पतालों में अब BPL और आयुष्मान मरीजों के दिल का उपचार बंद हो गया है। मरीजों का उचार बंद करने के पीछे कंपनी ने तर्क दिया है कि स्वास्थ्य विभाग टेंडर के अनुसार उन्हें पेमेंट नहीं कर रहा है। करीब 30 करोड़ रुपए की अदायगी नहीं होने के कारण यह फैसला लिया गया है। केरल की मेडिट्रीना हॉस्पिटल्स कंपनी का स्वास्थ्य विभाग के साथ एमओयू हुआ है। जिसके तहत हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, गुरुग्राम व फरीदाबाद के सरकारी अस्पताल में कंपनी के हॉर्ट सेंटर खोले गए हैं। चारों हॉर्ट सेंटर पर हर रोज 500 से अधिक लोग उपचार के लिए आते हैं। एमओयू की शर्तों के अनुसार कंपनी के बिलों की अदायगी 45 दिन में करनी होती है लेकिन लंबे समय से अदायगी नहीं होने के कारण कंपनी ने PL और आयुष्मान मरीजों का उपचार बंद कर दिया है। जिसके कारण मरीजों को अब निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। पंचकूला में मरीजों का करीब 37 लाख रुपए बकाया है। हालांकि कहा जा रहा है कि 19 लाख रुपए के बिलों का स्पष्ट रिकॉर्ड कंपनी ने उपलब्ध नहीं करवाया है। चल रहा है प्रोसेस: डा. चौहान पंचकूला के सरकारी अस्पताल के PMO डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि पेमेंट को लेकर प्रोसेस चल रहा है। कुछ बिल उपलब्ध नहीं होने के कारण यहां दिक्कत हुई है। पंचकूला की बड़ी पेमेंट नहीं है। बाकी जगह की उन्हें जानकारी नहीं है। कंपनी अधिकरी बोले-बिना पेमेंट नहीं होगा उपचार मेडिट्रीना हॉस्पिटल्स कंपनी की चीफ मैनेजमेंट ऑफिसर डा. मंजू के अनुसार विहार्ट सेंटर के स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरी पेमेंट क्लियर नहीं की गई है, जिसके कारण सेवाएं रोकनी पड़ी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही बकाया राशि जारी होगी, कैशलेस इलाज तुरंत शुरू कर दिया जाएगा। विभाग की तरफ करीब 30 करोड़ रुपए का बकाया है।
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हरियाणा के 4 सरकारी अस्पताल में दिल का इलाज बंद: आयुष्मान पैनल पर अब नहीं कैशलैश उपचार, कंपनी का विभाग 30 करोड़ बकाया – Panchkula News


