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हरियाणा के सरकारी विभागों के साथ हुए बैंकिंग घोटाले के बाद प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने राज्य के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों को बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले ब्याज की तत्काल जांच और मिलान करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) की ओर से जारी पत्र के बाद अब विभाग ने “रिमाइंडर-1” जारी कर इसे अत्यंत जरूरी और समयबद्ध कार्य बताया है। वित्त विभाग के पत्र के अनुसार, सरकार ने पहले 17 मार्च 2026 को जारी निर्देशों में सभी विभागों को अपने बैंक खातों और एफडी की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने को कहा था कि बैंकों द्वारा ब्याज तय दरों के अनुसार ही जमा किया गया है और परिपक्वता (maturity) राशि भी सही है। लेकिन अधिकांश विभागों ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाते हुए रिपोर्ट नहीं भेजी।
अब जानिए वित्त विभाग क्या जानकारी चाह रहा.. 15 अप्रैल तक मांगी गई रिपोर्ट
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा कार्य 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाना था, लेकिन अब तक कई विभागों से जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए सभी संबंधित कार्यालयों को 15 अप्रैल 2026 तक हर हाल में रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्व सुरक्षा पर जोर
विभाग ने कहा है कि यह प्रक्रिया सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जा सकती है। इस रिमाइंडर के साथ सरकार ने संकेत दिए हैं कि वित्तीय अनुशासन को लेकर अब सख्ती बरती जाएगी और सभी विभागों को समयसीमा में रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा।
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हरियाणा के सरकारी विभाग नहीं FD-बैंक अकाउंट को लेकर सीरियस: फाइनेंस विभाग ने भेजा रिमाइंडर, 15 अप्रैल तक देनी होगी रिपोर्ट, घोटाले के बाद जांच – Panchkula News


