हरियाणा के श्मशान में मधुमक्खियों का हमला: लाश छोड़ भागे रिश्तेदार, नारनौल में अंतिम संस्कार करने गए थे, 50 लोगों को काटा, 11 गंभीर – Narnaul News Chandigarh News Updates

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मधुमक्खियों के हमले के बाद नारनौल के नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन लोग।

हरियाणा के नारनौल में बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार करने श्मशान घाट पहुंचे लोगों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इससे लोगों में भगदड़ मच गई। लोग वृद्धा की डेडबॉडी काे वहीं पर छोड़कर भाग गए। लोगों ने किसी तरह छुपकर खुद को बचाया। मधुमक्खियों ने करीब 50

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मधुमक्खियों के हमले में बुजुर्गों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। भागते वक्त वे चोटिल भी हुए और मधुमक्खियों ने उन्हें काट भी लिया।

घायलों को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक तीन लोगों की हालत ज्यादा गंभीर बनी हुई है।

नारनौल के नागरिक अस्पताल में पहुंचे ग्रामीण व घायलों के परिजन।

ग्रामीण बोले-सैकड़ों मधुमक्खियों ने एक साथ किया हमला मामला गांव नांगल शालू का है। गुरुवार को गांव निवासी एक वृद्धा प्रभाती देवी की मौत हो गई थी। सुबह 11 बजे ग्रामीण उनका अंतिम संस्कार करने के लिए गांव के ही श्मशान घाट पर गए थे। इस दौरान करीब 100 लोग वहां मौजूद थे। अंतिम संस्कार की क्रिया अभी शुरू भी नहीं हुई थी कि पेड़ पर लगे छत्ते से मधुमक्खियों ने लोगों पर हमला कर दिया।

इतनी सारी मधुमक्खियों को देख ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। मधुमक्खियों से बचने के लिए लोग वृद्धा की डेडबॉडी काे वहीं पर छोड़कर भागने लगे।

जिसे जहां जगह मिली, वहीं छिपकर बचाई जान ग्रामीणों के मुताबिक जैसे ही मधुमक्खियों ने हमला किया, लोग इधर-उधर भागने लगे। अचानक भगदड़ सी मच गई। इस भगदड़ में कई लोग गिरकर चोटिल भी हुए। मधुमक्खियों से बचने के लिए कोई घास पर लेट गया तो काेई दीवार के पीछे छिप गया। कुछ ने तो मधुमक्खियों से बचने के लिए काफी दूर तक दौड़ लगाई।

अचानक हुए मधुमक्खियों के हमले से काफी देर तक अफरातफरी रही। बाद में जब मधुमक्खियां शांत हुईं तब मृतका का अंतिम संस्कार किया गया।

50 से ज्यादा लोगों को काटा, 11 की हालत गंभीर ग्रामीणों ने बताया कि मधुमक्खियों ने करीब 50 से ज्यादा लोगों को काट लिया। इनमें से 10 लोगों की हालत गंभीर है। घायल मुकेश ने बताया कि किसी को उल्टी आने की शिकायत हुई तो किसी का मुंह सूज गया। इनमें 42 वर्षीय मुकेश कुमार, 87 वर्षीय लख्मीचंद, 55 वर्षीय बलबीर सिंह के अलावा आजाद, ईशान, बाबूलाल, शीशराम, सुनील, संदीप, मनोज व विक्रम शामिल हैं।

मधुमक्खियों के शांत होने के बाद गंभीर घायलों को नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। चिकित्सक ने उन्हें तुरंत उपचार दिया। कई अन्य लोग प्राइवेट अस्पताल में चले गए।

अब जानिए मधुमक्खियों का हमला हो जाए तो क्या करें…

मधुमक्खियों के ​​​​​​काटने से कौन सा पॉइजन फैलता है जानकारी के मुताबिक, मधुमक्खियों के डंक में मेलिटिन पॉइजन होता है, जो प्रोटीन से बना है। यह शरीर में दर्द, सूजन और जलन पैदा करता है। अगर व्यक्ति को एलर्जी हो तो एनाफिलेक्टिक शॉक का कारण बन सकता है। यह जानलेवा साबित होता है।

कितना खतरनाक है मेलिटिन पॉइजन मेलिटिन अधिकतर मामलों में हल्की परेशानी का कारण बनता है, जैसे- दर्द, सूजन और लाल चकत्ते। हालांकि, जिन लोगों को मधुमक्खी के डंक से एलर्जी होती है, उनके लिए यह गंभीर समस्या बन सकती है। एक मधुमक्खी का डंक आमतौर पर खतरनाक नहीं होता, लेकिन कई मधुमक्खियां डंक मारे तो गंभीर स्थिति बन सकती है।

एक बार में कितने लोगों को डंक मार सकती है मधुमक्खियां मधुमक्खियां एक बार में एक ही व्यक्ति को डंक मार सकती है, क्योंकि डंक मारने के बाद उनका विष समाप्त हो जाता है और वह अक्सर मर जाती है। मधुमक्खी करीब 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से उड़ सकती है।

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