[ad_1]
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े मामले की जांच के दौरान कई खाताधारकों के बैंक खाते अस्थायी रूप से फ्रीज राशि होल्ड किए जाने के संबंध में आमजन से अपील जारी की है। यदि किसी व्यक्ति या फर्म को लगता है कि इस प्रकरण में उसकी या उनसे संबंधित फर्म के खाता की दर्ज धोखाधड़ी के मामले से किसी प्रकार से संबंधित नहीं है। उसका खाता गलत फ्रीज किया गया है, तो वह अपना रिप्रिजेंटेशन राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भेज सकता है। इसके लिए संबंधित खाताधारक विजिलेंस ब्यूरो के टोल-फ्री व्हाट्सएप नंबर 941-7891064 पर अपना लिखित प्रतिवेदन भेज सकते हैं। विजिलेंस ब्यूरो ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त प्रतिवेदनों की गंभीरता से समीक्षा, जांच की जाएगी और 48 घंटों के भीतर संबंधित व्यक्ति को उसके प्रतिवेदन पर की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। रिमांड नहीं बढ़वा पाई एसीबी हरियाणा बैंकिंग फ्रॉड करने वाले आरोपी शुक्रवार को कोर्ट में पेश किए गए थे। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हालांकि एसीबी ने रिमांड की मांग रखी थी, लेकिन बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों के बाद कोर्ट ने न्यायिक हिरासत भेजने के आदेश दिए। आरोपी एसीबी अधिकारियों को गलत जानकारी देकर उनका टाइम वेस्ट करने में जुटे हैं। रिमांड अवधि निकालने के लिए आरोपी लगातार ऐसे खेल अधिकारियों से करने में जुटे हैं। बैंकिंग फ्रॉड की जांच में जुटी SIT ने स्वीकार किया है कि आरोपियों ने उन्हें भ्रामक जानकारी दी है। टालमटोल वाले और झूठे जवाबों के कारण काफी समय खराब हुआ है। यहीं कारण है कि जांच में समय बढ़ता जा रहा है। हालांकि टीम को इसी ग्राउंड पर 2 दिन का रिमांड और दिया था। 9 विभागों का डेटा हो रहा मैच एसीबी को पिछले 3-4 दिन के दौरान हरियाणा के 9 सरकारी विभाग का डेटा मिला है। जिसके मिलान का काम चल रहा है। जांच के दायरे में आए बैंक खातों के कॉल लॉग और ईमेल लॉग आंशिक रूप से प्राप्त हो चुके हैं और शेष रिकॉर्ड एक-दो दिन में प्राप्त होने की उम्मीद है। आरोपियों को अलर्ट, डेबिट लेनदेन की पुष्टि, स्टेटमेंट भेजने आदि के लिए उपयोग किए गए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के बारे में पूछताछ कराई जाएगी। मनीष जिंदल को रिमांड पर भेजा हरियाणा बैंकिंग फ्रॉड में पंचायत विभाग के सुपरिंटेंडेंट नरेश कुमार के बाद मनीष जिदंल की गिरफ्तारी हुई है। मनीष जिंदल मोहाली के सेक्टर-117 का रहने वाला है। जिसे कोर्ट में पेश कर पुलिस ने 10 दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन पुलिस 5 दिन का रिमांड ही मंजूर करवा पाई। 590 करोड़ रुपए के घोटाले में गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ने के साथ ही हर रोज नए खुलासे भी हो रहे हैं। मनीष जिंदल ने भी आरोपियों से करोड़ों रुपए का कैश और दूसरे कीमती सामान आरोपियों से लिए हैं। मनीष जिंदल को लेकर पूछताछ में सामने आाया है कि वह न केवल अपराध करने की साजिश की योजना बनाने में सक्रिय सदस्य था, बल्कि उसने इसे सक्रिय रूप से अंजाम भी दिया। सीडीआर रिपोर्ट में सामने आया है कि मनीष जिंदल अपराध के दौरान मुख्य आरोपी रिभव ऋषि और अभय के लगातार संपर्क में बना हुआ था। डिजिटल डेटा विश्लेषण में उसके खाते में भी कुछ ट्रांजैक्शन मिली हैं। जिसके आधार पर ही उसकी गिरफ्तारी हुई है। आरोपी के रिश्तेदार पंचकूला के सेक्टर-21 में रहते हैं। गिरफ्तारी के बाद जिन्हें एसीबी ने सूचित किया है।
[ad_2]
हरियाणा का 590 करोड़ का बैंक घोटाला: होल्ड-फ्रीज बैंक खातों को लेकर अपील; ACB ने रिप्रेजेंटेशन मांगा, टोल फ्री नंबर जारी किया – Haryana News

