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हरियाणा के हिसार जिले में स्थित राखीगढ़ी अब देश के 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों की सूची में शामिल होगा। रविवार (1 फरवरी) को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए इसकी घोषणा की। इस पहल से दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक सिंधु घाटी के इस केंद्र को अब इंटरनेशनल टूरिज्म सेक्टर में एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। वित्त मंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए यहां पाथ-वे बनाया जाएगा। इसके अलावा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को लोगों तक पहुंचाने के लिए यहां कल्चरल कार्यक्रम किए जाएंगे। इससे पहले पिछले केंद्रीय बजट 2025-26 में राखीगढ़ी को वैश्विक धरोहर केंद्र में बदलने के लिए 500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। राखीगढ़ी के बारे में ये फैक्ट्स भी जानिए… एकसाथ 60 कंकाल मिल चुके: राखीगढ़ी में 6 हजार साल पुरानी हड़प्पाकालीन सभ्यता की खोज की जा चुकी है। यहां से एक साथ 60 कंकाल मिल थे। इसके अलावा महिलाओं के आभूषण से लेकर पुरानी लिपि और पानी का ड्रेनेज सिस्टम भी मिल चुका है। इससे पता चलता है कि हजारों साल पहले भी देश में एक सभ्यता ऐसी थी, जो विकसित नगर में रहती थी। टीलों ने खींचा ध्यान: राखीगढ़ी में ऊंचे टीले हैं, जिनका आकार मिश्र के पिरामिड जैसा है। ये 9 टीले 550 हेक्टेयर एरिया में फैले हुए हैं। इस वजह से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का ध्यान इन पर गया। इसके बाद ASI ने राखीगढ़ी का सर्वे करना शुरू किया। अब इस जगह पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग दिल्ली की टीम लगातार काम कर रही है। नदी सूखने से हुआ नगर का अंत: राखीगढ़ी को हड़प्पाकालीन सभ्यता की सबसे बड़ी साइट माना जाता है। पुरातत्व विभाग ने अब तक 5 टीलों की जमीन को एक्वायर किया है। ये साइट प्राचीन सरस्वती नदी के किनारे बसी थी। सरस्वती नदी की सहायक नदी दृष्टवती यहां से बहती थी। इतिहासकारों का मानना है कि यहां बसे नगर का अंत भी नदी के सूख जाने के बाद हुआ होगा। राखीगढ़ी की 3 बार खुदाई में क्या-क्या मिला…
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हरियाणा का राखीगढ़ी बनेगा टूरिज्म हब, बजट में ऐलान: 15 ‘आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों’ की लिस्ट में होगा शामिल, पाथ-वे बनेगा; गाइड की नियुक्ति होगी – Hisar News

