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रूस में एमबीए पढ़ने गए रेवाड़ी के अंशु को धोखे से रूसी आर्मी में भर्ती कर फ्रंट लाइन पर भेजा गया, अक्टूबर 2025 में मौत, छह महीने बाद शव गांव काठुवास पहुंचा.
अंशु रेवाड़ी जिले के गांव काठुवास का रहने वाला था.
रेवाड़ी. हरियाणा से रूस में एमबीए के पढ़ाई करने भेजा बेटा कभी इस तरह से घर लौटेगा, परिजनों ने सोचा नहीं था. रेवाड़ी के 22 वार्षिक अंशु का शव करीबन छह महीने बाद घर पहुंचा और फिर पैतृक गांव काठुवास में अंतिम संस्कार किया गया. यूक्रेन के खिलाफ जंग में उसे रूसी आर्मी ने भर्ती कर लिया था और वहां उसकी मौत हो गई.
अंशु के पिता ने बताया कि अंशु एमबीए करने रूस गया था लेकिन धोखे से उसे सेना में भर्ती कर दिया गया, उनको मौत की खबर और शव भी कई जगह गुहार लगाने के बाद मिला है.
दरअसल, अंशु रेवाड़ी जिले के गांव काठुवास का रहने वाला था और बड़े बहन-भाई में वो छोटा था. बीए करने के बाद अपने अच्छे भविष्य के लिए रूस जाकर अंशु ने एमबीए की पढ़ाई करने की सोची, लेकिन शायद अंशु को ये नहीं पता था कि वहाँ जाकर उसे युद्ध के मैदान में उतार दिया जाएगा.
अंशू के पिता राकेश कुमार चंडीगढ़ रोडवेज में कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि अंशु 30 अप्रैल 2025 को एमबीए की पढ़ाई के लिए रूस रवाना हुआ था. वहां पहुंचने के बाद उसे और उसके साथ गए अन्य 20-22 युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए बहलाया गया. उन्हें केवल 1 महीने की बुनियादी ट्रेनिंग दी गई और आश्वासन दिया गया कि उन्हें केवल पीछे (सहायक भूमिकाओं) में रखा जाएगा. हालांकि, 18 अक्टूबर 2025 (धनतेरस के दो दिन पहले) उसे फ्रंट लाइन पर भेज दिया गया. उस दौरान, उसने अपने कमांडर के फोन से वीडियो कॉल कर केवल 15 सेकंड बात की थी. इसके बाद से परिवार का संपर्क टूट गया.
अंशु से सम्पर्क ना होने से परेशान परिवार ने सबंधित विभागों और राजनेताओं के चक्कर लगाए, जिसके बाद इस साल 2 अप्रैल को उन्हें भरोसा दिलाया गया कि अगले एक सप्ताह में उन्हें बताया जाएगा कि अंशु कहाँ और कैसी हालत में है. 4 अप्रैल 2025 को परिवार को बताया कि अंशु की अक्टूबर 2025 में मौत हो चुकी है. इसके बाद शव को भारत लाने के लिए कार्रवाई शुरू की गई और शुक्रवार सुबह शव दिल्ली एयरपोर्ट पहुँचा, जहां से काठूवास गाँव में अंशु का अंतिम संस्कार किया गया.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
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