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हनुमानगढ़ में विस्फोट की साजिश रचने के मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अजमेर के एक ऑटो चालक सहित तीन आरोपियों को हरियाणा के अंबाला से गिरफ्तार किया है। एजेंसियों ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2 किलो आरडीएक्स, आईईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में अकबर उर्फ बाबू भी शामिल है, जो अजमेर में ऑटो चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता था।
अजमेर स्थित घर पर भी पहुंची जांच टीम
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार कार्रवाई के बाद जांच टीम अजमेर के लौंगिया क्षेत्र में स्थित अकबर के घर भी पहुंची। वहां से टीम ने मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारी जुटाई। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े संभावित अन्य लोगों की भी पड़ताल कर रही हैं।
साजिश के पीछे विदेशी कनेक्शन की आशंका
सूत्रों के अनुसार इस साजिश के पीछे पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का हाथ बताया जा रहा है। जानकारी मिली है कि उसके निर्देश पर ड्रोन के माध्यम से अमृतसर (पंजाब) में आरडीएक्स और अन्य विस्फोटक सामग्री भेजी गई थी। बताया जा रहा है कि इस सामग्री का इस्तेमाल आगे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
गिरफ्तारी की खबर से पड़ोसी हैरान
अजमेर में अकबर की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद उसके पड़ोसियों ने हैरानी जताई है। अकबर के पड़ोसी मोहम्मद शमसुद्दीन ने बताया कि वह बेहद सीधा-सादा युवक था और ऑटो चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उनके अनुसार अकबर के दो छोटे बच्चे भी हैं और मोहल्ले में आज तक उसका किसी से कोई विवाद नहीं हुआ।
घर से घूमने की बात कहकर निकला था
पड़ोसी जितेंद्र भार्गव ने बताया कि अकबर करीब सात दिन पहले घर से यह कहकर निकला था कि वह जयपुर-दिल्ली घूमने जा रहा है। उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी भी मीडिया के माध्यम से ही मिली। उन्होंने कहा कि अकबर के खिलाफ पहले कभी किसी आपराधिक मामले की जानकारी सामने नहीं आई थी।
परिवार की पृष्ठभूमि भी सामने आई
एक अन्य पड़ोसी फारुख ने बताया कि अकबर के पिता बस कंडक्टर की नौकरी करते थे और परिवार सामान्य तरीके से जीवन यापन करता है। उनके अनुसार संभव है कि किसी ने पैसों का लालच देकर या ब्रेनवॉश कर उसे इस साजिश में शामिल कर लिया हो।
जांच एजेंसियों की पूछताछ जारी
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं तथा इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
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